गोड्डा : एसडीपीओ अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में मासिक अपराध की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई. इसमें उन्होंने सभी थानेदारों को कुख्यात अपराधकर्मियों के नामों की सूची देने को कहा. इनके खिलाफ सीसीए का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जाये. सूची जल्दी ही जिला मुख्यालय में समर्पित करने का निर्देश दिया.
साथ ही एसडीपीओ मवेशी तस्करों को चिह्नित करने व एस ड्राइव चलाकर कार्रवाई करने को भी कहा. बताया कि मवेशी तस्कर फिर से जिले में सक्रिय हो गये हैं. इन पर हर हाल में नजर रखी जाये. पड़ोसी राज्य में फिर से मवेशियों की तस्करी होने की सूचना है. इस दौरान एसडीपीओ ने बालू के अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसने का भी निर्देश दिया. इस कार्य में थानेदारों जोर- शोर से लगने को कहा गया है. क्षेत्र में सघन रूप से गश्ती करने, छिनतई की घटना का उद्भेदन आदि किये जाने का भी निर्देश सभी थानेदारों व इंस्पेक्टर को दिया गया है. बैठक के दौरान एसडीपीओ ने थाने लंबित कांडों का निष्पादन करने आदि पर बल दिया. इस दौरान नगर थाना सहित पोडैयाहाट, सुंदरपहाडी, गोड्डा, मुफस्सिल, पथरगामा आदि के पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.
बदहाली. पानी, आवास व शौचालय से वंचित हैं ग्रामीण
ठाकुरगंगटी : प्रखंड के तेतरिया माल पंचायत के पितांबर कित्ता गांव समस्याओं के मकड़जाल से घिरा है. पीने के पानी से लेकर आवास, पेंशन व शौचालय के लाभ से कई लोग वंचित हैं. गांव में पांच सौ की आबादी निवास करती है. यहां के ग्रामीण पेयजल के लिए हलकान हैं. पानी के लिए लोगों को मशक्कत करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो माह से पानी की किल्लत है. गांव में कुल छह चापाकल हैं, जिनमें तीन से ही पानी निकल रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जानकारी कई बार मुखिया के अलावा संबंधित विभाग को दिये जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं की गयी है. वीरेंद्र कुमार महतो, महेश महतो, अमृत महतो, प्रकाश महतो, सुरेश महतो, नंदकिशोर महतो, रोहिन महतो आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी का संकट है. फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है. यहां के लोगों को खुले में शौच करना मजबूरी है. गांव में कई परिवार ऐसे हैं जिनको शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है. आवास योजना के लाभ से भी कई लोग वंचित हैं. गांव की गेंधारी देवी का कहना है कि कई बार प्रखंड व पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है. कच्चे मकान में जीवन गुजारने को विवश हैं. बरसात के दिनों में जीना दुश्वार हो जाता है. कई लाभुकों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला है. ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से इस दिशा में उचित पहल करने की मांग की है.
