गोड्डा में दम तोड़ता नजर आ रहा है स्वच्छ भारत अभियान
गोड्डा : स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत निर्मित करने के उद्देश्य से आज से करीब तीन साल पहले गांधी जयंती के अवसर पर आरंभ हुआ था, लेकिन महज तीन साल में ही गोड्डा शहर में दम तोड़ते नजर आ रहा है. स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करने के उदेश्य से सार्वजनिक स्थलों का इसका आधार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गोड्डा : स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत निर्मित करने के उद्देश्य से आज से करीब तीन साल पहले गांधी जयंती के अवसर पर आरंभ हुआ था, लेकिन महज तीन साल में ही गोड्डा शहर में दम तोड़ते नजर आ रहा है. स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करने के उदेश्य से सार्वजनिक स्थलों का इसका आधार बनाया गया था. चूंकि सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छ रहने के लिए जागरूक किया जा सके. वहीं शहर के कमोबेश दर्जनों कॉलोनियों की हालत यह है कि कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है,
तो कहीं खुले में सड़क पर गंदा पानी बह रहा है. फिर भी नगर परिषद को प्रधानमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना का थोड़ा भी खयाल नहीं है. ऐसे में स्वच्छ भारत व स्वस्थ भारत अभियान गोड्डा वासियों के लिए निर्थरक ही साबित हो रहा है.
सड़क पर होता है गंदे पानी का बहाव
नगर क्षेत्र के चपरासी कॉलोनी के बापूचौक से सत्संग मंदिर जाने वाले रोड पर नाले के गंदे पानी का बहाव होता है. यहां प्रतिदिन दूषित जल का निकासी होने के कारण जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. जिससे कॉलोनी में महामारी फैलने की संभावना हमेशा बनी रहती हैं. वहीं कॉलोनी के लोगों ने बताया कि वार्ड में दस सालों से नाला का निर्माण नहीं करवाया गया है. जिससे कॉलोनी की पानी का निकास रोड पर हो गया है. इस वजह से लोगों को गाड़ी वगैरह लेकर जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं.
नयी सरकार से हैं उम्मीद
वार्डवासी रतन कुमार का कहना है कि अब निकाय चुनाव में चुन कर नयी सरकार आयी है. जिससे उम्मीद है कि शीघ्र ही नाले की समस्या दूर कर दी जायेगी. पिछली सरकार में जनप्रतिनिधियों व नप पदाधिकारियों से कई बारे नाले निर्माण को लेकर लिखित व मौखिक रूप से मांग की गयी थी, लेकिन पिछली सरकार की ओर से इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया. नप में आयी नयी सरकार से पूरी उम्मीद है कि शहर के स्वच्छता पर विशेष रूप से ध्यान देगी. वहीं राजेश कुमार कहते है कि गंदे पानी के पास से गुजर कर प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे विभिन्न स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाते है. नाले के निर्माण के संबंध में अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया.