गोड्डा : समाहरणालय सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की मैराथन बैठक हुई. अध्यक्षता डीडीसी वरुण रंजन ने की. एमडीए, पोलियो अभियान के द्वितीय चरण, कालाजार आदि की समीक्षा की गयी. डीडीसी ने कहा कि संस्थागत प्रसव कार्य को दुरुस्त करने के लिए एएनएम के कार्यों का रिव्यू करना जरूरी है. इसके लिये डीडीसी ने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गोड्डा : समाहरणालय सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की मैराथन बैठक हुई. अध्यक्षता डीडीसी वरुण रंजन ने की. एमडीए, पोलियो अभियान के द्वितीय चरण, कालाजार आदि की समीक्षा की गयी. डीडीसी ने कहा कि संस्थागत प्रसव कार्य को दुरुस्त करने के लिए एएनएम के कार्यों का रिव्यू करना जरूरी है.
इसके लिये डीडीसी ने सीएस को आवश्यक निर्देश दिया. सीएस डॉ. बनदेवी झा ने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया विलोपन के लिए 22 से 27 मार्च तक पहले दिन बूथ पर व बाद में गांव घर में घूम कर लोगों को दवा खिलानी है. 11 मार्च से पोलियो अभियान के द्वितीय चरण पर पहले दिन बूथ पर व दूसरे व तीसरे दिन हाउस टू हाउस बच्चों को खुराक दी जायेगी. कालाजार की रोकथाम के लिए छिड़काव कार्यक्रम सुनिश्चित किया जायेगा.
माइक्रो प्लान के तहत होगा काम
नीति आयोग के तहत मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए माइक्रो प्लान बना कर कार्य हाेगा. एक ब्लॉक को चार जॉन में बांट कर एएनएम का रिव्यू करने का निर्देश चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया है. संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिये वर्तमान समय में 90 प्रतिशत एएनसी कार्य किया जा रहा है.
बैठक में आइसीडीएस अधिकारी रेखा कुमारी, यूनिसेफ जिला कोऑर्डिनेटर धनंजय त्रिवेदी, डीपीएम प्रदीप कुमार सिन्हा, डैम सुबोध चौधरी, कंप्यूटर सहायक सुनील कुमार, मलेरिया विभाग के प्रभात कुमार, विकास कुमार, हेमंत कुमार, प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मला बेसरा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पीएन दर्वे, डॉ. आरडी पासवान, कस्तूरबा विद्यालय की जिला समन्वयक सोनी कुमारी आदि उपस्थित थे.