जाति व आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत करने में हो रहे विलंब से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. इन दिनों एसआइआर में त्रुटिपूर्ण मैपिंग और इसके आधार पर जारी हो रहे नोटिस के कारण लोगों को प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ रही है. वहीं, राशन कार्ड में जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ने भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.
विभागीय स्तर से हो रहे विलंब से बढ़ रही परेशानी
भुक्तभोगियों ने कहा कि जाति व आवासीय प्रमाण पत्र के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण आवेदन कर रहे हैं, पर विभागीय स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने में विलंब हो रहा है. इससे लोगों को विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है.
दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ रही ग्रामीणों को
परेशान ग्रामीणों ने कहा कि एसआइआर में त्रुटिपूर्ण मैपिंग के कारण कई लोगों को नोटिस मिल रहे हैं. ऐसी स्थिति में संबंधित लोगों को अपनी पहचान और आवासीय स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ रही है. प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने से ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
अंचल अधिकारी से पहल करने की मांग
इस बाबत झामुमो के गांडेय प्रखंड सचिव मो शब्बीर ने सीओ से मामले में सकारात्मक पहल करते हुए लंबित आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया तेज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि अंचल स्तर पर जाति व आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया में तेजी आने से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी.
प्रक्रिया को सरल बनाने पर बल
मो शब्बीर ने प्रशासन से प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने की भी मांग की, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर दस्तावेज उपलब्ध हो सकें और उन्हें सरकारी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
