Giridih News: रामनवमी जुलूस विवाद को ले ग्रामीणों से मिलीं केंद्रीय मंत्री
Giridih News: बिरनी प्रखंड के दलांगी लेबरा में बीते रविवार को रामनवमी झंडा जुलूस ले जाने को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में केंद्रीय बाल विकास मंत्री सह कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी अन्नपूर्णा देवी बिरनी पहुंचीं. ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय में ही बुलाकर पूरी स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को सकारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया.
दलांगी में रामनवमी जुलूस का रूट बदले जाने को लेकर विवाद उत्पन्न था और रविवार को रामनवमी के दिन अखाड़ा कमेटियों ने जुलूस घुमाने से इनकार कर दिया. साथ ही काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था. सोमवार को सांसद अन्नपूर्णा देवी व बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो बिरनी प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और एसडीओ संतोष कुमार गुप्ता, एसडीपीओ धनंजय राम, बीडीओ फणीश्वर रजवार, सीओ संदीप मधेसिया, थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज, सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा, दलांगी लेबरा के ग्रामीणों के साथ बंद कमरे में लगभग ढाई घंटे बैठक की.
पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री बोलीं
सांसद ने पत्रकारों को बताया कि बिरनी में कई जगह पर यज्ञ व दुर्गापूजा को लेकर पूजा समिति द्वारा प्रतिमा स्थापित की गयी है. इसी को देखते हुए वे क्षेत्र के भ्रमण पर निकली है. इस दौरान ही दलांगी लेबरा में झंडा जुलूस नहीं घूमने की सूचना प्राप्त हुई. इसे देखते हुए अधिकारियों, ग्रामीणों के साथ बैठक की गयी है. इस दौरान सभी पहलुओं पर अधिकारियों व ग्रामीणों से जानकारी ली गयी है. अधिकारियों से कहा गया है कि दलांगी में धरना पर बैठे लोगों के साथ वार्ता कर धरना को समाप्त करायें. कहा कि सरकारी रोड से लोगों का आवागमन होता रहता है. चाहे जुलूस हो या फिर ग्रामीणों का आना जाना, सामूहिक पहल से ही समस्या का समाधान होगा.लगातार की गयी है बैठक
एसडीओ ने कहा कि लगातार दलांगी लेबरा में दोनों समुदाय के साथ बैठक की गयी है. इसमें दोनों समुदाय के लोगों ने प्रशासन की बात मानते हुए त्योहार मनाने की बात कही थी, लेकिन यहां इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.तुरंत रूट बदलना संभव नहीं था : सीओ
सीओ संदीप मधेसिया द्वारा भी काफी समझाने का प्रयास किया गया, बावजूद लोग रूट बदलकर पक्की सड़क से झंडा जुलूस को ले जाने पर अड़े रहे. ऐसे में तुरंत रूट बदल देना संभव नहीं था. कहा कि दोनों समुदाय के 11-11 लोगों की कमिटी बनाने की बात की जा रही है. कहा कि कई जगह मुस्लिम समुदाय द्वारा रामनवमी झंडा व जुलूस पर फूल बरसाए गए हैं, तो कहीं शरबत व पानी पिलाया गया है, जो एक अच्छा संदेश है. फिर दलांगी में लोग विवाद क्यों कर रहे हैं. विवाद करेंगे तो दोनों समुदाय के लोगों को दिक्कत होगी. रहना दोनों समुदाय के लोगों को है. आख़िर प्रशासन कब तक रहेगा. बैठक में सूरज कुमार मोदी, कपिलो के मुखिया मुकेश यादव, लक्ष्मण दास समेत गणमान्य लोग उपस्थित थे.आश्वासन के बाद धरना पर बैठे अखाड़ा कमेटी के लोगों ने आंदोलन किया स्थगित
बिरनी प्रखंड के दलांगी लेबरा में रामनवमी जुलूस को न घुमाकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना पर बैठे लोगों ने अधिकारियों से अश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को वापस ले लिया है. बता दें कि दलांगी लेबरा गांव में पक्की सड़क से रामनवमी झंडा जुलूस ले जाने की अनुमति नहीं मिलने के आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा झंडा जुलूस को ले जाने से साफ इंकार कर दिया था.धरने पर बैठ गये थे ग्रामीण
ग्रामीण प्रशासन के विरोध में अपने-अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए मंदिर परिसर के पास ही धरना पर बैठ गये थे. इस सूचना के बाद सांसद अन्नपूर्णा देवी और विधायक नागेंद्र महतो के पहल के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की पहल शुरू की. बाद में जुलूस निकाले जाने के विवाद को खत्म किये जाने का आश्वासन दिये जाने के बाद आक्रोशित लोगों ने धरना समाप्त कर दिया. दोनों समुदाय के बीच कमिटी गठित कर मामले की निष्पादन करने की बात कही गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
