यह जानकारी शनिवार को जमुआ के कुसैया हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान दोनों युवाओं की बातचीत से मिली. उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म को बढ़ावा देने को लेकर 12 ज्योतिर्लिंग व चारों धाम का भ्रमण करेंगे और देश के सभी प्रमुख मंदिरों का भ्रमण करेंगे. इस साहसिक यात्रा का मकसद सनातन धर्म से लोगों को अवगत कराना है. इसके साथ-साथ युवाओं को स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक करना भी इसका मकसद है. फिट इंडिया और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना उनका मुख्य लक्ष्य है. दोनों युवा कई महीनों से कड़ी धूप में लंबी दूरी तय करने का अभ्यास कर रहे हैं. शनिवार को दोनों अभ्यास करते हुए जमुआ पहुंचे.
चुनौतियों भरा है रास्ता
स्केटिंग शू पहनकर हजारों किमी की दूरी तय करना आसान काम नहीं है. खराब सड़कें, यातायात का दबाव और बदलता मौसम इनके सफर की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, पर तिसरी के इन लालों का हौसला बुलंद है. कहा कि यह यात्रा श्रद्धा-भक्ति और खेल का अद्भुत संगम है. हम दिखाना चाहते हैं कि दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
