मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण जिले में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और बदन दर्द जैसी शिकायतों को लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं. सोमवार को गिरिडीह सदर अस्पताल की ओपीडी में शाम करीब चार बजे तक 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे. मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल परिसर और ओपीडी में दिनभर भीड़ की स्थिति बनी रही.
मौसम बदला तो बढ़े वायरल संक्रमण के मरीज
पिछले कुछ दिनों से जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. कभी गर्मी, कभी बारिश और उमस के कारण लोग मौसमी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और बदन दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं.
बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इन शिकायतों का असर अधिक देखने को मिल रहा है. मरीजों की जांच के बाद चिकित्सकों की ओर से आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं.
ओपीडी में मरीजों की भीड़, व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण सदर अस्पताल की ओपीडी में काफी भीड़ रही. मरीजों के साथ बड़ी संख्या में उनके परिजन भी अस्पताल पहुंचे. इससे पूरे दिन अस्पताल परिसर में चहल-पहल बनी रही.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओपीडी की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जा रहा है, ताकि मरीजों को इलाज में परेशानी न हो.
ताजा भोजन और उबला पानी लेने की सलाह
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े हैं. उन्होंने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की.
उन्होंने कहा कि इस मौसम में ताजा और गर्म भोजन का सेवन करें. पानी को उबालकर पीना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है. घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके.
बारिश में भीगने के बाद तुरंत बदलें गीले कपड़े
डॉ. अरविंद कुमार ने लोगों को बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यदि बारिश में भीग जाएं तो शरीर को अच्छी तरह पोंछकर तुरंत गीले कपड़े बदल लेने चाहिए. पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी भी परेशानी महसूस होने पर लापरवाही न करें. लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में चिकित्सक से जांच कराएं. बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचें और चिकित्सक की सलाह के बाद ही दवा का सेवन करें.
