सिहोडीह के बुद्ध ज्ञान विद्यालय ने त्रिविध पावनी मंगल उत्सव मनाया. नेतृत्व महामाया प्यारी देवी ने किया. इसमें काफी संख्या में माताएं, बहनें व श्रद्धालुओं मौजूद थे. विद्यालय से धर्म यात्रा निकाली गयी, जो सिहोडीह, बरगंडा, झंडा मैदान, आंबेडकर चौक, कालीबाड़ी, मकनपुर चौक होते हुए वापस बौद्ध विहार पहुंची. निर्मल महतो बौद्ध के नेतृत्व में बौद्ध परंपरा और रीति रिवाज के अनुसार बुद्ध वंदना, प्रार्थना, त्रिरत्न, पंचशील, महामंगल, अष्ट गाथा और बौद्ध शिक्षा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. निर्मल ने कहा बुद्ध द्वारा बताया गया मार्ग ही दुख दूर करने का मार्ग है. मुख्य अतिथि जिप सदस्य कुमारी प्रभा वर्मा, शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रमोद रवानी, कुमोद शर्मा, देवेंद्र यादव, कुमारी स्नेहा, नेहा शर्मा, दिगंबर प्रसाद दिवाकर, ओमप्रकाश महतो, रीतलाल वर्मा, अरविंद वर्मा, रवि कुमार, रामकल मूर्तिकार, कल्पना श्रीवास्तव, कुलवंती वर्मा, नागेश्वर वर्मा, निशा बौद्ध, अंजू बौद्ध, इंदिरा देवी, शारदा देवी, लक्ष्मी देवी और अन्य शामिल रहे.
कंदाजोर में आंबेडकर मेला व बौद्ध मिलन समारोह शुरू
बौद्ध विहार कंदाजोर में वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को पूजा हुई. इसके साथ ही आंबेडकर मेला सह बौद्ध मिलन समारोह की शुरुआत हुई. गौतम बुद्ध, डॉ भीमराव आंबेडकर व सम्राट अशोक की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया. बौद्ध भिक्षुओं ने पंचशील, त्रिशरण और बुद्ध वंदना का पाठ कराया. इस दौरान बुद्ध के शांति, अहिंसा और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया. उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के समता और न्याय के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. मौके पर मोहन बौद्ध, जगदीश दास, नूनदेव रविदास, भीमलाल रविदास, संतोष दास, रूपलाल रविदास ,राजेश दास, प्रदीप दास ,संजय दास, दशरथ दास, रामचंद्र दास समेत अन्य उपस्थित थे.
