बैठक के दौरान डीसी ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों तथा निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली. कई स्थानों पर भूमि उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं व समन्वय की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी गयी. डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आ रही है, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाये.
सीओ को भूमि संबंधित मामलों के निष्पादन का निर्देश
उन्होंने सीओ को भूमि से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया. साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य को गति देने की बात कही. कार्यकारी एजेंसियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाये रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने पर जोर दिया. कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदान राशि का सही और प्रभावी उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सके. प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां आम लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ व शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलतीं हैं. डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन योजनाओं की नियमित निगरानी की जाये तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये. कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
