मार्च में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं के हाथों में तख्ती लिए थीं. मार्च में सोना पहाड़ी मंदिर को सार्वजनिक करने, मंदिर में सार्वजनिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने, ग्रामीण एकता से संबंधित नारे लगाये जा रहे थे. मार्च का नेतृत्व मुखिया तारा देवी, टेकलाल चौधरी, जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुमार साहू कर रहे थे.
दो वर्षों से की जा रही है मांग
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया टेकलाल चौधरी ने कहा कि विगत दो दशकों से दोनों गांव के लोग सोना पहाड़ी मंदिर को सार्वजनिक किये जाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, यहां के पूर्व विधायक ने कभी भी सदन में नहीं उठाया. आज जब बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने पर्यटन क्षेत्र घोषित हुए इस मंदिर से सरकार को राजस्व मिलने और सार्वजनिक किये जाने की बात सदन में रखा हैं, तो मंदिर कमेटी इसका विरोध कर रही है. इससे साफ है कि इस मंदिर को एक व्यक्ति विशेष समूह मिलकर कमाई का जरिया बनाये हुये हैं. जबकि, सरकार ने इस मंदिर में अब तक एक-डेढ़ करोड़ के विकास का काम करवा चुकी है. सोना पहाड़ी मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं के लिए पानी और सार्वजनिक शौचालय तक की व्यवस्था नहीं की है. सरकार से हम मांग करते हैं कि सोना पहाड़ी मंदिर को वह अपने अधीन ले और बेको मौजा ग्रामीणों की स्थायी प्रबंध समिति का गठन करते हुए इसका विस्तार किया जाये.
समिति गठन से लोगों को मिलेगा रोजगार
समिति गठन होने से विकास भी होगा और कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा. जिप सदस्य रीता माथुर ने भी इस मंदिर को सार्वजनिक किये जाने की मांग की है. नुक्कड़ सभा को भाजपा नेता माथुर प्रसाद, पूर्व जिप सदस्य जितेंद्र सिंह समेत अन्य ने संबोधित किया. मौके पर दौलत महतो, प्रेमचंद साहू, नारायण महतो, संतोष महतो, चंद्रिका महतो, जगदीश महतो, जितेंद्र साहू, टिंकू साहू, डेगलाल साहू, माली बाबू, निरंजनी देवी, शोभा देवी, सोनाली यादव, उषा देवी, बेगानी देवी, बसंती देवी, संतोषी देवी, पंचायत समिति सदस्य सुकर साव, लखन साव आदि मौजूद थे.
शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए सक्रिय रहे अधिकारी
प्रतिवाद मार्च में शांति व्यवस्था बनाये रखने और टकराव की स्थिति टालने के लिए अधिकारी उपस्थित रहे. बीडीओ निशा कुमारी, सीओ प्रवीण कुमार, थाना प्रभारी बिनय कुमार यादव समेत काफी संख्या में जवान मौजूद थे.
