Giridih News: नरसंहार के बाद गांव को मॉडल बनाने की घोषणा आज तक नहीं हुई पूरी

Giridih News: देवरी प्रखंड के भेलवाघाटी के लोग आज भी बुनियादी सुविधा से जूझ रहे हैं. पंचायत में पेयजल व्यवस्था का बुरा हाल है. यहां सिंचाई की सुविधा नहीं है. सड़कों की स्थिति भी खराब है. स्वास्थ्य सुविधाओं से लोग वंचित है. शनिवार को गांव में प्रभात आपके द्वार कार्यक्रम में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं.

By MAYANK TIWARI | April 12, 2025 11:20 PM

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण रामजी यादव, सिकंदर साव, बीरबल अंसारी, राजेश राय, विकास यादव, अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2005 में भेलवघाटी गांव में भाकपा माओवादियों के नरसंहार के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे अधिकारियों व नेताओं ने गांव को मॉडल बनाने का भरोसा दिया था. लेकिन, 20 वर्ष के बाद भी भेलवाघाटी का विकास नहीं हो पाया.

पुल निर्माण कार्य अधूरा

भेलवाघाटी पंचायत के भेलवाघाटी, डुमरीटोला व कारीपहरी गांव के बीच में अरगा नदी पर पुल निर्माण कार्य अधूरा रहने से आवागमन में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत वर्ष 2019 में उक्त पुल का शिलान्यास किया गया. संवेदक ने काम शुरू करने में देर किया.

पिलर टेढ़ा होने से गर्डर टूटकर नदी में गिर गया

ग्रामीणों के अनुसार काम में अनियमितता के कारण 29 जून 2024 को बारिश से नदी में पानी का बहाव तेज हुआ और पुल का पिलर टेढ़ा होने से गर्डर टूटकर नदी में गिर गया. इससे कार्य में अनियमितता की पोल खुल गयी. इस मामले में उच्चस्तरीय जांच हुई. संवेदक ने मॉनसून समाप्त होने के बाद नये सिरे से पुल निर्माण करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन नौ माह बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है.

सिंचाई के लिए डैम बनवाने की मांग

ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत में खेती के लिए पर्याप्त भूमि है, लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं है. किसान पूरी तरह मॉनसून पर निर्भर है. सिंचाई सुविधा के लिए पंचायत के अरगा नदी पर डैम बनाने व मेगा लिफ्ट इरिगेशन से पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग वर्षों से की जा रही है. इसके लिए दो बार सर्वे हुआ, लेकिन अभी तक डैम बनाने की स्वीकृति नहीं मिली है. कृषकों का कहना है कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी व संसाधन उपलब्ध हो जाने से भेलवाघाटी की तस्वीर बदल सकती है.

पेयजल व्यवस्था का बुरा हाल

ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पंचायत के कुल 1573 घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए कुल 50 स्थान पर बोरिंग करवायी जानी थी, लेकिन कार्य में लगी कंपनी ने अभी तक सिर्फ 39 स्थान पर बोरिंग करवाकर जलमीनार बनाया है. इसमें 12 जलमीनार चालू हैं, शेष जलमीनार महीनों से बंद पड़े हैं. 12 चालू जलमीनार में महज 230 घरों में पाइपलाइन से पानी पहुंच रहा है. योजना के क्रियान्वयन में संवेदक ने गड़बड़ी की गयी है.

स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति लचर

पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति बदतर है. स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जगसीमर गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनवाया गया, लेकिन यह केंद्र कभी-कभार ही खुलता है. यहां के लोगों को इलाज के देवरी, चतरो या फिर गिरिडीह जाना पड़ रहा है.

आवागमन में परेशानी

पंचायत के आदिवासी टोला रमनीटांड़, जगसीमर यादव टोला, गरंग मंगला टोला, बरमसिया रवानी टोला, डोमाडीह, घाटा व आदिवासी टोला हरकुंड के लिए संपर्क सड़क की सुविधा नहीं है. पंचायत में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा, डाकघर की भी सुविधा नहीं है.

सुविधा बेहतर करने का हो रहा प्रयास : मुखिया

भेलवाघाटी के मुखिया विकास कुमार ने कहा कि पंचायत में सुविधा को बेहतर करने का प्रयास चल रहा है. राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा व डाकघर खोलने, की मांग, अरगा नदी पर पुल का निर्माण कार्य करने, स्वास्थ्य सुविधा, सड़कों को दुरुस्त करवाने के लिए वरीय अधिकारियों से पत्राचार किया गया है. सांसद व विधायक को भी इससे अवगत करवाया गया है.

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