Giridih News :तिसरी के पिकनिक स्पॉट पर दूर-दूर से आते हैं लोग

Giridih News : एक समय बेशकीमती माइका के लिए विश्वप्रसिद्ध रहा गिरिडीह जिले का तिसरी प्रखंड इन दिनों रमणीक और मनोरम पिकनिक स्पॉट के लिए राज्य भर में चर्चित है. गिरिडीह से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रखंड मुख्यालय के इर्दगिर्द और इसके चारों दिशा में मात्र तीन-चार किमी की परिधि में कई पिकनिक स्पॉट हैं.

यहां कलकल बहता पानी, छोटे-बड़े पहाड़, हरे-भरे जंगल और मनोरम छटा लोगों को अपनी ओर खिंचता है. इन पिकनिक स्पॉट पर 25 दिसंबर से लेकर पूरे जनवरी माह तक लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. विडंबना यह है कि सरकार की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण प्रखंड के कई प्रमुख पिकनिक स्थलों तक पहुंचने के लिए आज तक सड़कें नहीं बनीं. इसके बाद भी लोग पिकनिक मनाने काफी संख्या में यहां पहुंचते हैं. इस बार राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने लोगों को आश्वास्त किया है कि तिसरी के सभी पर्यटक स्थलों का कायाकल्प किया जायेगा. इससे लोगों को उम्मीद जगी है.

तिसरी के प्रमुख पिकनिक स्पॉट

वैसे तो तिसरी में झगरैया नदी, बरवाडीह नदी, किल्ली जंगल आदि कई पिकनिक स्थल हैं, लेकिन यहां मुख्य रूप से पांच ऐसे पिकनिक स्पॉट हैं, जहां की खूबसूरती के साथ-साथ कई खूबियां हैं, जिन्हें समझने और जानने की उत्सुकता को लेकर भी यहां दूर दूर से लोग पिकनिक मनाने आते हैं. प्रखंड के प्रमुथ पांच पिकनिक स्पॉट में झुमरखेलवा पहाड़, कलवा नदी, भट्ठीकुंड, रीजनल झरना और कबूतरी पहाड़ी शामिल हैं.

झुमरखेलवा पहाड़

प्रखंड मुख्यालय से दो किमी दक्षिण में झुमरखेलवा पहाड़ लगभग तीन किमीपरिधि में फैला हुआ है और इस पूरे पहाड़ पर छोटे छोटे पैरों के निशान हैं. कहा जाता है कि पूर्व में यहां भगवान कृष्ण गोपियों के साथ रासलीला रचाते थे और झूमर नृत्य करते थे. इसलिए इसका नाम झुमरखेलवा पहाड़ रखा गया है. यहां का दृश्य काफी मनोरम है. हालांकि, इस जगह को सरकारी स्तर पर विकसित नहीं करने का मलाल तिसरीवासियों को है. यदि इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने से लोगों के रोजगार के साधन बढ़ेगा.

लोगों को आकर्षित करता है कबूतरी पहाड़ी

प्रखंड मुख्यालय से तीन किमी दूर स्थित कबूतरी पहाड़ी का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है. कलकल बहता पानी और चारों ओर हरे भरे जंगलों के बीच एक बड़े पहाड़ के बीच एक गुफा में आपरूपी स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने प्रत्येक सोमवार को लोग यहां पहुचते हैं. दिसंबर-जनवरी माह में यहां पिकनिक मनाने वालों की भीड़ होती है. यह जिलेभर रा एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. इसके बाद भी आज तक यहां पहुंचने के लिए सड़क नहीं बनायी गयी है. कंटीली और सकरी रास्तों से लोगों को यहां तक पैदल ही जाना पड़ता है.

भट्ठीकुंड :

प्रखंड का सबसे खूबसूरत और रमणीक भट्ठीकुंड को जाना जाता है. दोनों तरफ से लगभग 500 मीटर तक बड़े बड़े पहाड़ों के बीच दो सौ फीट चौड़े और लगभग 500 मीटर लंबे पत्थरों के बीच में दर्जनों छोटे-बड़े कुंड और कलकल बहता पानी आपको हर बार यहां तक आने को मजबूर कर देगा. यहां की वादियां देखते ही बनती है. मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग दो किमी है. यहां पहुंचने के लिए लगभग एक किमी पैदल चलना पड़ता है. भट्ठीकुंड तक पहुंचने के लिए भी सड़क नहीं बनायी गयी है. कई बार ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से यहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनवाने की मांग की है, लेकिन प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ता रहा है कि इधर कुछ दूरी तक वनभूमि है.

कलवा नदी :

प्रखंड मुख्यालय से उत्तर मात्र एक किमी पर स्थित कलवा नदी लोगों की मनपंसद पिकनिक स्पॉट है. यहां की खूबसूरत कटीले पत्थरों के बीच बहता पानी लोगों को बहुत भाता है. यहां भी लोग परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचते हैं और मनोरम दृश्य का भरपूर आनंद उठाते हैं. यहां तक लोग चारपहिया वाहनों से भी पहुंच सकते हैं. कलवा नदी चूंकि लंबी दूरी तक है, जहां पानी और चट्टानो हैं. यही वजह है कि लगभग दो किलोमीटर तक कलवा नदी में पिकनिक मनाने के लिए लोगों की भीड़ रहती है.

रीजनल झरना में ठंडा में गर्म और गर्मी में निकलता है ठंडा पानी

यहां लोगों को अद्भुत प्राकृतिक छटा देखने को मिलती है. प्रखंड मुख्यालय से एक किमी पूरब में स्थित रीजनल झरना की एक बड़ी खासियत यह है कि, यहां सालों भर पानी एक छोटी सी पहाड़ी से निकलता है. ठंड के दिनों में यहां पानी गर्म निकलता है, वहीं गर्मी के दिनों में यहां पानी ठंडा निकलता है. यहां भी लोग भारी संख्या में आते हैं और पिकनिक मनाते हैं.

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Author: PRADEEP KUMAR

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