बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग तथा वन विभाग के अधिकृत अधिकारियों स्वयं ना पहुंचकर अपने प्रतिनिधि को भेजा था, जिस पर उन्हें फटकार लगायी गयी. पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं. इसके बाद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने समस्याओं की झड़ी लगा दी. कहा कि नियमित बैठक नहीं होने से वह अपनी बातें नहीं रख पाते हैं. सदस्यो ने पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सवालों पर अधिकारियों को घेरा. संबंधित विभाग के अधिकारियों ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया.
सभी विभागों को जनता के प्रति जवाबदेह बनना होगा : बीडीओ
बीडीओ ने स्पष्ट और कड़े लहजे में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग अनिवार्य है. सभी विभागों को जनता के प्रति पूर्ण रूप से जवाबदेह बनना होगा. उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इस बैठक में लिये गये निर्णय से विकास कार्यों को नयी गति मिलने की उम्मीद है.
ये रहे उपस्थित
बैठक में सीओ संतोष कुमार, थाना प्रभारी पिंकू कुमार सिंह, संजय कुमार बरनवाल, डॉ ललन कुमार, डॉ अनूप कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि विनोद यादव, अलीमुद्दीन अंसारी, अनिल शर्मा, लाल मोहम्मद अंसारी, रेणु रवानी, मीना देवी, अनोखी देवी, दिनेश्वर दास, गायत्री कुमारी, ललीता कुमारी, अनीता देवी समेत कई पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे.
