मृतका की मां कंचन देवी, पति महेंद्र चौधरी, ग्राम चरघरा, थाना जमुआ निवासी ने सोमवार को पुलिस को एक आवेदन देकर कहा है कि मैंने अपनी बड़ी बेटी पूनम कुमारी की शादी दो वर्ष पूर्व कीर्तनियाडीह गांव के करुणा यादव, पिता सहदेव यादव के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ की थी. साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार दान दहेज भी दिया था. शादी के बाद एक वर्ष तक मेरी बेटी ने अपनी पति के साथ जीवन बिताया. फिर मेरा दामाद चार पहिया वाहन खरीदने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग करते हुए मेरी पुत्री को तरह तरह से प्रताड़ित करते हुए मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगा. यह बात मेरी बेटी बताया करती थी. इस मामले को लेकर हमलोगों ने बेटी की ससुराल जाकर समझाने का प्रयास किया. कुछ दिन तक सभी शांत थे. इस दौरान मेरी बेटी को एक बच्चा होने के बाद मेरे दामाद एवं सदस्य ने पुनः प्रताड़ित करने लगे. दामाद करुण यादव, समधी सहदेव यादव, गोरेलाल यादव, विशाल यादव, राधे महतो, झलमंती देवी, पुष्पा देवी एवं हीरा मोती देवी आदि के द्वारा पुत्री के साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था.
तीन लाख नकद दिये थ
ेपरिजनों का कहना है कि डर और सामाजिक दबाव में आकर उन्होंने पुनः तीन लाख रुपये नकद कर्ज लेकर दे दिए, लेकिन चारपहिया वाहन देने में असमर्थ रहे. इसके बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई. कई बार पंचायत और समझौते की कोशिश की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ. 22 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे सूचना मिली कि पूनम की मौत हो गई है. परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि दहेज की लालच में गला दबाकर या घोंटकर उनकी पुत्री की हत्या की गई है. पीड़ित मां ने थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
