मनरेगा कर्मियों ने 9, 10 व 11 मार्च को सांकेतिक हड़ताल की थी. मांग पूरी नहीं होने पर 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जो अभी तक जारी है. मनरेगा कर्मचारी संघ से जुड़े रोजगार सेवक मो रियाजउद्दीन, प्रकाश सोरेन, मो मुख्तार समेत अन्य ने बताया कि संघ अपनी मांगों पर अडिग है. प्रखंड व जिलास्तर पर आंदोलन के बाद 30 मार्च को रांची में आहूत लोकभवन पैदल मार्च सह धरना के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई फलाफल नजर नहीं आ रहा है. कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
पंचायतों में 88 हजार योजनाओं का काम रुका
मनरेगाकर्मियों यथा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ), मनरेगा लेखा सहायक व रोजगार सेवकों की हड़ताल से जिले भर के पंचायतों में संचालित करीब 85 हजार मनरेगा की योजनाएं बंद हैं, जबकि करीब तीन लाख जॉब कार्डधारकों को काम नहीं मिल रहा है. आलम यह है मजदूर, मेट कभी ब्लॉक, तो कभी पंचायत सचिवालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं. नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ मजदूरों ने बताया कि पूर्व में की गयी मजदूरी का भी समय पर भुगतान नहीं हुआ, इधर वर्तमान में काम नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गयी है.
मॉनिटरिंग के लिए दिया गया है अतिरिक्त प्रभार
विभागीय सूत्रों की मानें तो मनरेगा योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए सभी ब्लॉक में कतिपय पदाधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर खानापूर्ति कर दी गयी है. विभागीय निर्देश पर वर्तमान में सिर्फ अबुआ व पीएम आवास योजना में लाभुक के परिवार से जुड़े जॉब कार्डधारकों की ही डिमांड की जा रही है.
प्रखंडवार जॉब कार्ड की संख्या
प्रखंड -जॉब कार्ड
गिरिडीह – 33286सरिया – 13121
बेंगाबाद – 26298
बगोदर – 10967
जमुआ – 38165
गांडेय – 36752
देवरी – 37,155
पीरटांड़ – 15043
तिसरी – 18,555
डुमरी – 22,538
बिरनी – 19,478
गावां – 18514
धनवार – 20574
कुल – 310446
प्रखंडवार क्रियान्वित योजनाओं की संख्या
प्रखंड -योजनाएं
पीरटांड़ – 3686
तिसरी – 3815
धनवार – 3892गांडेय – 8672
बिरनी – 5204बैंगाबाद 8,907
सरिया 4,575जमुआ – 10125
देवरी – 9878गिरिडीह – 9602
बगोदर – 4077डुमरी – 7118
