दवा के पैकेट पर एक्सपायरी डेट जनवरी 2027 अंकित है, जिससे यह साफ है कि दवा अभी उपयोग योग्य थी. लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि आखिर इतनी मात्रा में दवा कचरे में कैसे पहुंची. ग्रामीणों का आरोप है कि दवा को नष्ट करने के उद्देश्य से फेंका गया है. वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि दवा को जलाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही बाजार में मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ गयी.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी ले
गये दवा
मामला चर्चा में आने के बाद दवा को वहीं छोड़ दिया गया. जानकारी मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी हाट बाजार पहुंचे और कचरे में पड़ी सभी दवाओं को बोरे में भरकर ले गये.
