झुंड फसलों को रौंद रहा है. वहीं, खेतों में लगे फसलों को रौंदा रहा है. विद्यालय भवनों को भी नुकसान पहुंच रहा है. झुंड एमडीएम के चावल खा रहा और विद्यालय के फर्नीचरों को तोड़कर नुकसान पहुंचा रहा है.
हाथियों के चिंघार से लोगों में दहशत
शनिवार की रात लगभग नौ बजे 24 हाथियों का दल उर्रो गांव पहुंचा. उनके चिंघाड़ से पूरे गांव के लोग दहशत में आ गये. सभी लोग अपने-अपने घरों में घुस गये. जानकारी मिलने पर कुछ ही देर में वन विभाग की टीम पहुंची और हाथियों को खदेड़ दिया. इस बीच हाथियों के झुंड ने गांव के ही धीरेंद्र सिंह के मकान के दरवाजे व खिड़कियों को तोड़ दिया. वहीं, उसके खेत में लगभग एक एकड़ में लगे जेठुआ फसलों को रौंद दिया. लौकी, करैला, झींगा, बोदी समेत अन्य फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया.ड्रैगन फ्रूट के पौधों को किया बर्बाद
इसके बाद झुंड संजय सिंह के आम बागान पहुंचा. वहां भी आम के पौधों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. आम के फलों को नुकसान पहुंचाया. ड्रैगन फ्रूट के सौ पौधे तथा कटहल के 198 पौधों को इस तरह,तोड़कर बर्बाद कर दिया मानो किसी ने जानबूझकर इसे नुकसान पहुंचा हो. यह पौधे चार वर्षों पूर्व लगाये गये और फिलहाल लगभग चह फीट के हो चुके था. इससे संजय को लाखों का नुकसान हुआ है.
एक्सपर्ट टीम पहुंची
इस संबंध में वन परिसर पदाधिकारी अंशु कुमार ने बताया कि हाथियों का झुंड इन दोनों सरिया तथा अगल-बगल के प्रखंड में विचरण कर रहा है. हाथियों को भगाने का प्रयास किया जा रहा है. उसके लिए एक्सपर्ट टीम बुलायी गयी है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह जंगलों की ओर ना जायें. जंगली जानवरों को छेड़छाड़ नहीं करें. हाथियों के गांव में प्रवेश करने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें.
