गिरिडीह. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सोमेंद्र नाथ सिकदर की अदालत ने सोमवार को विवाहिता की हत्या में उसके पति जयशंकर बालाजी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है. अदालत ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरिसया कालिका कुंज कॉलोनी में किराये के मकान में रहने वाली सुविति कुमारी की हत्या में उसके पति जयशंकर बालाजी को भादवि 302 भादवि के तहत यह सजा सुनायी. क्या है मामला : मालूम रहे कि मामला मुफस्सिल थाना यूडी कांड संख्या 13/2020 से संबंधित है. 27 अप्रैल 2020 को जयशंकर बालाजी की पत्नी सुविति कुमारी की संदग्धि मौत हो गयी थी. जयशंकर ने इस संबंध में मुफस्सिल थाना में यूडी कांड अंकित कराया था. हालांकि, बाद में जब पुलिस की जांच में विवाहिता की मौत की गुत्थी सुलझ गयी. विवाहिता की हत्या उसके पति ने ही कर दी थी. सुविति को साड़ी और फिर बेल्ट से गला दबाकर मारा डाला था. घटना के पीछे का कारण पति-पत्नी के बीच विवाद व तनाव बताया गया था. अभियोजन पक्ष के एपीपी रवि चौधरी ने बताया कि भोजपुर बिहार के रहने वाले जयशंकर बालाजी एचइडी फाइनेंस कंपनी गिरिडीह में कार्यरत था. वह अपनी पत्नी व एक बेटी के साथ सिरसिया स्थित कालिका कुंज कॉलोनी में किराये के फ्लैट में रहता था. यूडी केस में जांच करने पहुंची पुलिस ने पाया कि मृतका सुविति देवी के गले में निशान है. वहीं, घर के अंदर एक दो फीट का बेल्ट पाया. पुलिस ने पूछताछ में पाया कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था. कोई दूसरा व्यक्ति अंदर नहीं आ सकता है तो मृतका के गले में जख्म कैसे हुआ. पुलिस ने जयशंकर से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने गला दबाकर हत्या की बात स्वीकार की.
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