मुख्य अतिथि अजीत प्रसाद महतो थे. वक्ताओं ने समाज के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. कार्यक्रम के दौरान समाज की ऐतिहासिक विरासत, भाषा-संस्कृति के संरक्षण, युवाओं की भागीदारी तथा सामाजिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गयी.
जनगणना में जनजाति कुड़मी व भाषा कुड़माली दर्ज कराने के लिए चलेगा अभियान
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी जनगणना में समाज के सभी लोग अपनी जनजाति के रूप में कुड़मी तथा मातृभाषा के रूप में कुड़माली दर्ज कराने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलायेंगे. वक्ताओं ने कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और अपनी पहचान, भाषा व संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. कार्यक्रम में समाज के अधिकारों, शिक्षा सामाजिक विकास के लिए संगठित रूप से कार्य करने का भी संकल्प लिया गया. विभिन्न क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों ने समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये.
इनकी रही
उपस्थिति
मौके पर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ महतो उर्फ छोटू, दीपक पुनरियार, डॉ निरीश महतो, पिंटू कुमार, फलजीत महतो, मेघलाल महतो, जितेंद्र महतो, तालेश्वर महतो, लखी महतो, साई मनी महतो, माला महतो, टिंकू महतो, शंकर पटेल, बासुदेव महतो, सुमित महतो, झब्बू महतो सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे. आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों व भाग लेने वालों के प्रतिआभार व्यक्त किया.
