नोटिस मिलने से अतिक्रमणकारियों में खलबली मची है. बता दें कि झारखंडधाम में महादेव स्थान के नाम पर खाता संख्या 13, प्लॉट संख्या 758 के तहत 14 एकड़ 20 डिसमिल जमीन सर्वे में दर्ज है. बताया जाता है कि महादेव स्थान के लिए चिह्नित भूखंड में कतिपय लोगों ने मकान और दुकान का निर्माण कर लिया है.
19 जून को कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश
सीओ ने पंकज वर्मा, शक्ति पंडा, पशुपति पंडा, नंदकिशोर पंडा, गिरिश पंडा, व्यास पंडा, द्वारिका पंडा, अंकित पंडा, जयदेव पंडा, शालीग्राम पंडा, उपेंद्र पंडा, पवन पंडा, गोविंद पंडा सहित 29 लोगों को नोटिस भेजकर 19 जून को कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है. सीओ के मुताबिक झारखंड लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 में सार्वजनिक भूमि का अतिक्रमण दंडनीय अपराध है. लिहाजा महादेव स्थान के लिए आवंटित 14.20 एकड़ जमीन में एक इंच भूमि का भी अतिक्रमण जघन्य अपराध माना जायेगा. इधर, मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण मंदिर परिसर का विकास बाधित है. इतना ही नहीं यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को भी इससे परेशान होना पड़ता है. कहा कि प्रशासन अविलंब मंदिर परिसर को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराये.
