इसकी जानकारी रविवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी जीतवाहन उरांव ने प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने बताया कि 11 जून को साइबर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव में कुछ लोग साइबर अपराध कर रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त चुरामन मंडल को गिरफ्तार कर वाहन में बैठा लिया. इसी बीच गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया. आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ की. इसमें वाहन क्षतिग्रस्त हुआ. साथ ही कई जवानों को चोट पहुंची. इधर अफरा-तफरी का फायदा उठाते चुरामन मंडल को पुलिस की हिरासत से जबरन छुड़ा लिया और भगा दिया. घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और छापेमारी व जांच के बाद दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
एसपी ने गठित की थी टीम
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी डॉ बिमल कुमार ने कार्रवाई के निर्देश दिये. एसपी के आदेश पर सदर एसडीपीओ श्री उरांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. टीम ने असामाजिक तत्वों की तलाश शुरू कर दी. इसी क्रम में पुलिस टीम ने चिकसोरिया गांव में छापामारी की, हालांकि उस समय सभी नामजद आरोपी फरार मिले. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र के सहारे जांच को आगे बढ़ाया. लगातार प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिली और इस कांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले और अपराधियों को संरक्षण देने वालों को को गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा.
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
छापेमारी में एसडीपीओ के अलावा गांडेय इंस्पेक्टर कमलेश पासवान, मुफस्सिल, साइबर, अहिल्यापुर, बेंगाबाद, गांडेय व ताराटांड़ थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, रामेश्वर भगत, एनुल हक, अमन कुमार सिंह, आनंद प्रकाश सिंह, बुद्धेश्वर उरावं, साइबर थाना के एसआई पुनीत गौतम, अहिल्यापुर के एसआई साजिद खान समेत अन्य पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे.
