बारिश से फाउंडेशन से सीमेंट बह गया और छड़ दिखने लगा. ग्रामीणों ने इस अनियमितता का विरोध रविवार को किया और जिला प्रशासन से इसकी जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.
लंबे समय से मांग के हो रहा निर्माण
ग्रामीण महेंद्र सिंह, हेमलाल यादव, लालो यादव, फागू यादव, मुकेश यादव, अशोक यादव, मुनेश्वर यादव, सोनू तुरी, रामचंद्र यादव, भोला यादव, भुनेश्वर यादव, रामदेव राय आदि ने कहा कि खिरोध नाला पर पुल नहीं बनने से हमलोगों को काफी परेशानी होती थी. लंबे समय से मांग के बाद केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के प्रयास से इस पुल का अक्तूबर 2024 में शिलान्यास किया गया. इसके बाद पुल निर्माण शुरू हुआ. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण संवेदक जैसे-तैसे पुल निर्माण किया जाने लगा. इसी का परिणाम है कि शनिवार को हल्की बारिश होने पर निर्माणाधीन पुल के फाउंडेशन से सीमेंट बह गया और छड़ दिखने लगा. ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने इसका विरोध जताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की.
सूचना पर निर्माण स्थल पर पहुंचे : जेई
सूचना पर स्पेशल डिवीजन के जूनियर इंजीनियर राहुल कुमार रविवार को खिरोध गांव पहुंचे और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया. पुल में जहां-जहां छड़ दिख रहे थे, उसे मिस्त्री व मजदूरों से ठीक करवाया. उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को सुनकर कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है तो सुधार करवायी जायेगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा. निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराया जायेगा.
