इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से उपेक्षित हैं. इसके कारण समुदाय को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. समिति ने सरकार से आदिवासियों की खतियानी जमीन वापस कराने तथा पंचायत अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम 1996 पेसा एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की. साथ ही आदिवासी बहुल गांवों में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
कुंदानाला पर पुल बनाने की मांग
कुंदानाला स्थित महेशमरवा क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग प्रमुखता से उठायी गयी. समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पुल के अभाव में स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विशेषकर बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. उन्होंने शीघ्र पुल निर्माण कर क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की.
भू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन करे कार्रवाई
वक्ताओं ने आदिवासी व दलित समुदाय की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले भूमि माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की. कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये. धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुकेश हेंब्रम ने धनवार क्षेत्र में सिद्धो-कान्हू मुर्मू विद्यालय की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे आदिवासी समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गयी, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जायेगा. मौके पर नारायण बेसरा, विदेशी सोरेन, विनोद सोरेन, महेश सोरेन, संजीत मुर्मू, त्रिभुवन बेसरा, बजरंगी सोरेन, पोखन हेंब्रम, सुषेण बेसरा सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे.
