गावां प्रखंड में हाथियों के बाद अब जंगली बिरनियों के हमले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. माल्डा पंचायत के सीरी गांव में सोमवार को जंगली बिरनियों के हमले में कालेश्वर प्रसाद यादव (75) की मौत हो गयी. इसके साथ ही क्षेत्र में बिरनी के हमले से मरने वालों की संख्या दो हो गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, अबतक 40 से अधिक लोग बिरनियों के हमले में घायल हो चुके हैं. गांवों के आसपास बिरनियों के विचरण से लोगों में दहशत का माहौल है.
खेत के पास कर रहे थे टहनियों की सफाई
सीरी गांव निवासी कालेश्वर प्रसाद यादव घर से कुछ दूरी पर खेत के समीप झाड़ियों और टहनियों की सफाई कर रहे थे. इसी दौरान दर्जनों की संख्या में जंगली बिरनियों ने उन पर हमला कर दिया. उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाकर बाहर निकाला. ग्रामीण उन्हें बाइक से घर लेकर पहुंचे, जिसके बाद परिजन आनन-फानन में गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए.
सीएचसी से दूसरे अस्पताल जाने के क्रम में हुई मौत
सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें रेफर कर दिया. परिजन उन्हें बेलाटांड़ अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है.
एक सप्ताह में दूसरी मौत
पिछले सप्ताह बरमसिया विद्यालय से लौट रहे शिक्षक देवेंद्र सिंह पर भी जंगली बिरनियों ने हमला किया था. इस घटना में उनकी मौत हो गई थी. ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगली बिरनियां मुख्य रूप से जंगल अथवा जंगली क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को निशाना बनाती थीं, लेकिन अब गांवों के आसपास भी उनका विचरण बढ़ गया है.
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प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार, बिरनियों के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं और प्रतिदिन लोग घायल हो रहे हैं. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बचाव के लिए ठोस कदम नहीं उठाये जाने से लोगों में नाराजगी है. समाजसेवी गांधी यादव, उदय यादव, हरिशंकर प्रसाद यादव, सरयू यादव और लोकनाथ यादव समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.
