इस दौरान विधायक ने कहा कि होड़ाेपैथिक पद्धति के विख्यात चिकित्सक डॉ पीपी हेंब्रम के सपने को साकार करने की दिशा में यह पहला कदम है. यहां वन विभाग के द्वारा 130 तरह के औषधीय पेड़ पौधे लगाये गये हैं. जिससे यहां के लोगों को औषधीय पेड़ पौधों के गुणों को जानने पहचानने का मौका मिलेगा.
राज्य का पहला पार्क, जहां आनंद के साथ मिली औषधीय पेड़ों से इलाज की जानकारी
उन्होंने लोगों को औषधीय पेड़ पौधे से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड में पहला ऐसा पार्क है, जिसमें लोगों को पार्क के आनंद के साथ औषधीय पेड़ पौधों से होनेवाले स्वास्थ्य संबंधी इलाज की जानकारी दी जायेगी. कहा कि प्रकृति ने हमें अनमोल उपहार दिया है, जिसका दैनिक जीवन में काफी उपयोग है. वर्तमान समय में आवश्यकता है कि प्रकृति की पुरानी पद्धति को कैसे अपनाया जाये. उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें काफी कुछ दिया है, पेड़ पौधों में हर बीमारी का इलाज छिपा हुआ है, बस उसे पहचानने की आवश्यकता है. कहा कि गांडेय में बने इको पार्क को पूरे देश का अनोखा पार्क बनाने के लिए लोगों को पेड़ पौधे का संरक्षण कर डॉ पी पी हेंब्रम के सपने को जीवित रखना है.हर पेड़ पौधे में औषधीय गुणों का भंडार : डीएफओ
डीएफओ मनीष कुमार तिवारी ने इको पार्क में बने पेड़ पौधे की सविस्तार जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हर पेड़ पौधे अपने में औषधीय गुणों को समेटे हुए हैं, पर जागरूकता की कमी के कारण लोग पेड़ पौधे के औषधीय गुणों को नहीं पहचान पा रहे हैं. गांडेय में ईको पार्क निर्माण का पहला उद्देश्य जागरुकता है. वर्तमान में सिर दर्द के लिए भी लोग मेडिकल का रुख करते हैं, पर पेड़ पौधे की पहचान से आप घरेलू उपचार कर स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं.
