इसके लिए नक्सली अपने नाते-रिश्तेदारों का सहारा लेकर पुलिस की पकड़ से बचने के लिए यहां पहुंचते हैं. हालांकि पुलिस की कार्रवाई में कई बार बेंगाबाद के गांवों से नक्सलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
बाॅर्डर के गांव पुलिस के रडार पर
इधर, शनिवार की रात बेंगाबाद के मंझलाटोल गांव के एक व्यक्ति घर में छिपे दो नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस काफी सक्रिय हो गयी है. बाॅर्डर के गांवों के अलावा अन्य गांवों पर पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है. विदित हो कि बिहार के विभिन्न स्थानों पर नक्सली वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए कोडरमा जिले के सतगांवा थानांतर्गत भागलपुर गांव के नक्सली पवन कुमार सिंह और कुख्यात नक्सली जमुई जिला के चरकापत्थर थानांतर्गत चिल्काखार गांव निवासी पंकज यादव हरिला पंचायत के मंझलाटोल गांव में छिपे थे. गुप्त सूचना के आधार पर पटना एसटीएफ की टीम ने बेंगाबाद पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार करने में सफल रही थी.
पूर्व में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इसके पूर्व बिहार के नक्सली संगठन में महिला नक्सली के मारक दस्ता की सदस्य रही रोजिना को भी वर्ष 2021 में बिहार पुलिस ने लुप्पी गांव में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. रोजिना बिहार में नक्सली घटनाओं को अंजाम देने के बाद लुप्पी स्थित अपने घर में स्वास्थ्य लाभ कर रही थी. इस बीच बिहार पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था. वर्ष 2023 में लुप्पी गांव के ही बिहार पुलिस ने पूर्व में नक्सली बादल को गिरफ्तार कर चुकी है. वे भी बिहार पुलिस से बचने के लिए लुप्पी स्थित अपने घर में छिपा हुआ था. समय-समय पर नक्सलियों ने बेंगाबाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का काम किया है.
लेवी की मांग को लेकर मचा चुके हैं उत्पात
इसके अलावा बदवारा और गोलगो पंचायत के जंगलों में वर्ष 2019 में नक्सलियों की गतिविधि व रात में विशेष बैठक किये जाने की बात सामने आयी थी. उस समय भी पुलिस की एलआरपी हुई थी, पर सफलता नहीं मिल पायी थी. इसके अलावा बदवारा में सड़क निर्माण कार्य में वर्ष 2020 में लेवी की मांग को लेकर बिहार से आये नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया था. कार्य में लगे मजदूरों के साथ मारपीट कर अगवा करने, ट्रैक्टर और रोलर में आग लगाकर भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है. घटना को अंजाम देकर नक्सली पोस्टर छोड़ते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश कर गये थे. समय-समय पर बिहार के नक्सलियों की बेंगाबाद में गिरफ्तारी और बेंगाबाद में घटनाओं को अंजाम देने के बाद बिहार में छिप जाने की घटना ने पुलिस को सकते में डाल दिया है.
