डीइओ को दिये गये आवेदन पर मो अशफाक, मो समद, तरन्नुम खातून, लियाकत खान,अजिमा खातून, मंजूर अंसारी, नूरी खातून, सफीना परवीन, शाबान अंसारी समेत एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं. उनका कहना है कि इस स्कूल में 50 से ज्यादा विद्यार्थी उर्दू पढ़ते हैं. जब वर्ग नौवीं का फॉर्म भरा जाने लगा तो ये विद्यार्थी उर्दू विषय के लिए फॉर्म भरने लगे. लेकिन, प्रधानाध्यापक ने इन छात्रों को यह कह कर फार्म नहीं भरा कि उर्दू पढ़ने से कोई फायदा नहीं, संगीत पढ़ो ज्यादा नंबर आयेगा. इसके बाद भी ज्यादातर छात्रों ने उर्दू विषय को चुना. इधर विभाग ने फॉर्म में संशोधन के लिए दो दिन का समय दिया.
उर्दू की जगह कर दिया संगीत
आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने बिना किसी विद्यार्थी सूचना दिये सभी के फॉर्म उर्दू की जगह संगीत भर दिया. अभिभावकों ने कहा है कि जब एडमिट कार्ड आया तब छात्रों को इसकी जानकारी मिली. प्रधानाध्यापक ने जानबूझकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. समाजसेवी मुफ्ती सईद आलम, नेसाब अहमद, अधिवक्ता मो इम्तियाज समेत कई ग्रामीणों ने आदेन देकर जल्द सुधार करने और प्रधानाध्यापक के विरुद्ध करवाई की मांग की. मुफ्ती सईद आलम ने कहा कि यदि प्रधानाध्यापक पर करवाई नहीं हुई और बच्चों को उर्दू विषय की परीक्षा नहीं दी गयी, तो स्कूल गेट के साथ डीईओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया जायेगा.
