संघ के अनुसार, यह आंदोलन 15 अक्तूबर 2025 से ही चल रहा है. कर्मियों का आरोप है कि राज्य सरकार के साथ हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है. उनकी मुख्य मांगें समझौते के तहत वर्तमान मानदेय 1500 को बढ़ाकर 6000 तत्काल प्रभाव से किया जाना था. राज्य स्तर पर वरीयता सूची का प्रकाशन, विभाग के रिक्त पदों पर अनुभवी एआई कर्मियों को प्राथमिकता देना, लंबित प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान करना शामिल है.
अधिकारी कर रहे गलत रिपोर्टिंग
संघ ने कुछ विभागीय अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है. संघ का कहना है कि कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं और वे सरकार व मंत्री को गलत रिपोर्ट सौंपकर गुमराह कर रहे हैं. कहा कि 10 मार्च से घेराव को सफल बनाने के लिए राज्य के लिए गिरिडीह समेत रांची, दुमका, जमशेदपुर व धनबाद में नुक्कड़ सभा की जा रही है. बताया कि राज्य में कुल 1804 कर्मी हैं, जिनमें से लगभग 1200 कर्मियों के इस धरने में शामिल होने की संभावना है. इसका नेतृत्व संघ के मुख्य संरक्षक, प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री करेंगे. आंदोलन को सफल बनाने के लिए मेघलाल मंडल, बिमल कांत मौर्य, लोचन पंडित, राहुल रविश साहा, धीरेंद्रनाथ महतो, उत्तम महतो, मनोज महतो, हिटलर महतो समेत संघ के अन्य वरिष्ठ सदस्य जुटे हुए हैं.
