नयी दिल्ली/रांची/िगरिडीह. शहरी विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित की गयी स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 प्रतियोगिता का परिणाम जारी कर दिया गया है. इंदौर को देश में सबसे साफ शहर घोषित किया गया है. दूसरे नंबर पर भोपाल और तीसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम शहर है. पिछले वर्ष पहले नंबर पर रहनेवाला मैसूर इस बार पांचवें स्थान पर है.
झारखंड के चास को 41 वीं रैंकिंग हासिल हुई है. स्वच्छता के मामले में रांची को चास, जमशेदपुर, गिरिडीह और हजारीबाग ने पीछे छोड़ दिया है. जमशेदपुर को 64 वीं, गिरिडीह को 81 और हजारीबाग को 91 वीं रैंकिंग मिली है. वहीं रांची को 117 वीं रैंकिंग से संतोष करना पड़ा है.
10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में रांची की स्थित सुधरी है. इस केटोगरी में रांची को 36 वीं रैंकिंग (पिछले सात 62 वीं रैंकिंग) मिली है. पर इसी केटोगरी में जमशेदपुर 26 वां रैंक (पिछले साल 66 वां रैंक) और धनबाद को 33 वां रैंक (पिछले साल 72 वां रैंक) मिला है.
टॉप 100 में झारखंड के चार शहर : देश के टाॅप 100 साफ शहरों की सूची में बिहार का एक भी शहर नहीं है. वहीं झारखंड के चार शहरों को 100 साफ शहरों की सूची में शामिल किया गया है.
इस प्रतियोगिता के लिए देश के 434 शहरों में सर्वेक्षण क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने चार जनवरी से चार फरवरी तक सर्वे किया था. सर्वे के परिणाम की घोषणा करते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा : यह शहरी क्षेत्र के लोगों का स्वच्छता के प्रति जनादेश है. ये 434 शहर कुल शहरी आबादी का 60 फीसदी हैं. इन शहरों के 80 फीसदी लोगों का मानना है कि पहले के मुकाबले स्वच्छता के मानक बेहतर हुए हैं. मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना में स्वच्छता की दिशा में व्यापक बदलाव लाने की पहल की जा रही है. सर्वेक्षण के आंकड़ों का अध्ययन करने से बिहार, राजस्थान, पंजाब और केरल में स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक लग रही है.
बिहार के 27 शहरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 19 शहरों की रैंकिंग 300 से नीचे है, जबकि 15 शहर नीचे से 100 शहरों की सूची में हैं.
