देवरी/भेलवाघाटी : गिरिडीह के सात बच्चों को महाराष्ट्र के नागपुर में मुक्त कराया गया है. नागपुर के वर्धा स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने इन्हें मुक्त कराया है. इन बच्चों को मजदूरी कराने के लिए सूरत ले जाया जा रहा था. इनमें देवरी थाना क्षेत्र स्थित चतरो के चार एवं भेलवाघाटी थाना क्षेत्र स्थित बरमसिया गांव के तीन बच्चे शामिल हैं. मामले में आरोपी मनोज तुरी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मनोज बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के डोकोटांड़ गांव का निवासी है. गिरफ्तार मनोज को आरपीएफ वर्धा पुलिस ने भेलवाघाटी पुलिस के हवाले कर दिया है.
इस मामले में भेलवाघाटी पुलिस ने मामला (थाना कांड संख्या 13/2017) दर्ज कर बच्चों को मजदूरी के लिए ले जाने के आरोप में गिरफ्तार मनोज तुरी को जेल भेज दिया है. भेलवाघाटी थाना प्रभारी बैजू बड़ाइक ने शुक्रवार को बताया कि मनोज तुरी बच्चों को मजदूरी कराने सूरत ले जा रहा था. सभी की उम्र आठ से पंद्रह वर्ष के बीच है. मनोज को लेकर वर्धा आरपीएफ अधिकारी गुरुवार को गिरिडीह पहुंचे. पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया, वहीं मुक्त कराये गये सभी बच्चों को नागपुर स्थित चाइल्ड लाइन सेंटर में रखा गया है.
