तिसरी : तिसरी प्रखंड की चंदौरी पंचायत के अल्पसंख्यक बाहुल्य गांव बड़कीटांड़ में आजादी के बाद से अभी तक बिजली बहाल नहीं हो पायी है. कई बार ग्रामीण विद्युत विभाग का चक्कर लगाते व जनप्रतिनिधियों से बिजली बहाल को लेकर पहले करने की गुहार लगाते हुए थक चुके हैं.
बावजूद आज तक गांव में बिजली की व्यवस्था नहीं की जा सकी है. अब मामले को लेकर बड़कीटांड़ के ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन के मूड में है. बुधवार को बड़कीटांड़ के ग्रामीणों ने चंदौरी पंचायत के मुखिया गोपी रविदास के साथ गांव में ही बैठक कर मुखिया से गांव में बिजली बहाल कराने की मांग की. साथ ही कहा कि पूरे प्रखंड में बिजली चालू है तो फिर बड़कीटांड़ में क्या कारण है कि बिजली का पोल तक नहीं लगाया गया है. मुखिया गोपी रविदास ने कहा कि इस गांव में बिजली बहाल करने को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से बात की है, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है. मुखिया ने बैठक के दौरान ही विद्युत विभाग के एसइ के साथ फोन पर बात की. इधर, बड़कीटांड़ के साथ-साथ बगल के गांव गहराजोर में भी बिजली बहाल नहीं हो पायी है. मुखिया ने अधिकारी से दोनों गांवों में बिजली बहाल करने की बात कही. उन्होंने बताया कि गहराजोर में दो वर्ष पूर्व डीवीसी द्वारा एक ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था, लेकिन इसे चालू नहीं किया जा सका है.
चालू कराने का मिला आश्वासन : गिरिडीह के एसइ ने मुखिया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही बड़कीटांड़ और गहराजोर में बिजली बहाल की जायेगी. बता दें कि बड़कीटांड़ और गहराजोर गांव तिसरी प्रखंड मुख्यालय से उत्तर दिशा में करीब नौ किलोमीटर की दूरी पर बसा है. बड़कीटांड़ लगभग एक हजार की आबादी वाला अल्पसंख्यक बाहुल्य गांव है.
ये थे मौजूद : बैठक में गुलाम रसूल, निजाम अंसारी, मो. मुख्तार, मो. इमरान, मो. जैनुल आबदिन, मो. कलीम, मो. सलीम, मो. आलमगीर, मुमताज, रफीक मिंया, बढ़न मियां, परवेज, मो. अनवर समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.
