प्रज्ञा केंद्र में कैशलेस सेवा शुरू

प्रीमियम, बिल समेत, पतंजलि उत्पादों की खरीद हुई आसान गावां. नोटबंदी से उपजे नगदी के संकट से निजात दिलाने को ले गावां प्रखंड मुख्यालय में संचालित प्रज्ञा केंद्र में कैशलेस व्यवस्था शुरू की गयी है. नयी व्यवस्था के तहत प्रज्ञा केंद्र से सेवाओं का लाभ लेने के बदले लाभुक कैशलेस भुगतान कर सकते हैं. गावां […]

प्रीमियम, बिल समेत, पतंजलि उत्पादों की खरीद हुई आसान
गावां. नोटबंदी से उपजे नगदी के संकट से निजात दिलाने को ले गावां प्रखंड मुख्यालय में संचालित प्रज्ञा केंद्र में कैशलेस व्यवस्था शुरू की गयी है. नयी व्यवस्था के तहत प्रज्ञा केंद्र से सेवाओं का लाभ लेने के बदले लाभुक कैशलेस भुगतान कर सकते हैं. गावां प्रज्ञा केंद्र में इसके लिए पेटीएम व आधार संचालित बैंक खातों से कैशलेस भुगतान की व्यवस्था शुरू की गयी है.
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं : केंद्र संचालक ने बताया कि इस केंद्र पर लोग कैशलेस भुगतान कर सरकारी सेवाओं सहित लगभग दर्जन भर अन्य सेवाओं का भी लाभ ले सकते हैं. बताया कि गावां प्रज्ञा केंद्र में सेवाओं का शुल्क लाभुक अपने बैंक खाते से चुका सकते हैं. यह प्रक्रिया बेहद ही सुरक्षित और आसान है. इसके लिए लोगों से कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जायेगा.
कई सेवाएं कैशलेस : प्रज्ञा केंद्रों में विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए निर्धारित सरकारी सेवा शुल्क के अलावे गावां प्रज्ञा केंद्र में पतंजलि के उत्पाद की बिक्री, विभिन्न तरह के बीमा प्रीमियमों का भुगतान, रेलवे टिकट, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज, टेलीफोन बिल का भुगतान, बिजली बिल का भुगतान, पैन कार्ड के लिए आवेदन समेत प्रज्ञा केंद्रों से संबंधित सभी तरह की सेवाओं का लाभ लोग कैशलेस ले सकते हैं.
क्या होगा फायदा : गावां जैसे ग्रामीण क्षेत्र में जीवन बीमा का प्रीमियम भुगतान, पतंजलि के प्रोडक्ट समेत अन्य जरूरी सेवाएं कैशलेस होने से लोगों को बड़ी सहूलियत होगी. खास बात यह है कि अब लोग प्रज्ञा केंद्र से घरों के लिए रोजमर्रा के जरूरी पतंजलि उत्पाद के कैशलेस खरीद सकेंगे. नगदी के चक्कर में लोगों का बीमा पॉलिसी भी लैप्स होने से बचेगा. बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान कर लोगों को नगदी समस्या से राहत मिलेगी. इसके साथ ही प्रज्ञा केंद्र में कैशलेस पतंजलि उत्पाद की बिक्री शुरू होने से बाजार के अन्य राशन दुकानदार भी कैशलेस सेवा को बढ़ावा देंगे.
बिरनी. लाख प्रयास के बावजूद पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट के लेन-देन पर रोक नहीं लग पा रही है. बिरनी के किसानों के बीच धान व्यवसायी पुराने नोट अब भी चला रहे हैं.
बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारी इस ओर से उदासीन हैं. किसान पुराना नोट लेने को विवश हैं. इस बाबत स्थानीय किसान किसान राजेन्द्र यादव, सुनील कुमार यादव, रमेश कुमार यादव, पप्पू मोदी, महेश यादव, दिनेश कुमार दास समेत कई लोगों ने बताया कि बिरनी प्रखंड में इन दिनों सैकड़ों व्यवसायी नौ से 10 रु किलो धान खरीद रहे हैं और बदले में 500 और 1000 के नोट किसानों को दे रहे हैं. किसानों से धान व्यापारियों का कहना है कि नये नोट बाजार में उपलब्ध नहीं है.
इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ेगा, जबकि पुराने नोट को आप अपने खाते में डालकर दूसरे दिन उपयोग कर सकते हैं. मजबूर होकर किसान पुराने नोट लेकर अपना धान बेच रहे हैं. इधर, बीडीओ सह सीओ इंदर कुमार ने बताया कि कुछ गिने-चुने स्थानों पर ही पांच सौ का पुराना नोट चलाया जा रहा है. अगर व्यापारी किसानों को पुराने नोट दे रहे हैं तो छापेमारी अभियान चलाया जायेगा और पकड़े जाने पर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज होगी.

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