गिरिडीह/डुमरी. दो दिन पूर्व बोकारो के बेरमो इलाके से गिरिडीह जिला में प्रवेश किये 17 हाथियों के झुंड ने सोमवार की रात व मंगलवार की सुबह जम कर उत्पात मचाया. हाथियों के झुंड के कारण गया-धनबाद रेल लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार को धीमा करना पड़ा. डुमरी व सरिया प्रखंड के साथ-साथ शहर से सटे गिरिडीह प्रखंड के परसाटांड़ में भी हाथियों ने उत्पात मचाया. एक साथ कई स्थानों पर उत्पात मचाने से वन विभाग की परेशानी बढ़ गयी है. विभाग के अधिकारी व कर्मियों ने सुबह से ही हाथियों के बिखर चुके झुंड को एक स्थान पर करने की कवायद शुरू कर दी है. पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से 12 सदस्यीय टीम को बुलाया गया है.
हाथियों के झुंड की सूचना पर बरती सावधानी : प्रबंधक : पारसनाथ के स्टेशन प्रबंधक बी दुबे ने बताया कि हाथियों के झुंड के अचानक ट्रैक पर आने की आशंका को देखते हुए चालकों को सावधानी से ट्रेन चलाने को कहा गया था. वन विभाग के सहयोग से हाथियों के झुंड को इलाके से हटाया जा सका है. इसके बाद से सभी ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो सका.
उजड़ रहा है हाथियों का घर : डीएफओ : पश्चिमी वन प्रमंडल के डीएफओ कुमार आशिष ने कहा कि जंगल तेजी से उजड़ रहे हैं. कहा कि हर जगह जंगल की कटाई कर आबादी का विस्तार किया जा रहा है, इस कारण हाथियों का झुंड लगातार भटक रहा है. 12 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम को बांकुड़ा से बुलाया गया है. हाथियों के झुंड को सरिया के जंगलों में एक साथ कर उसे हजारीबाग के जंगलों की ओर खदेड़ा जायेगा.
तीन घंटे तक धीमी रही ट्रेनों की रफ्तार
सोमवार सुबह डुमरी के हेठटोला में ग्रामीण अर्जुन महतो को कुचलने के बाद हाथियों का झुंड चीनो पहाड़ी की तरफ चला गया. रात लगभग नौ बजे झुंड को परसाबेड़ा के पास देखा गया. ग्रामीणों ने देखा कि हाथी रेलवे ट्रैक से थोड़ी दूरी पर हैं. लोगों ने इसकी सूचना पारसनाथ रेलवे स्टेशन के प्रबंधक बी दुबे को दी. श्री दुबे ने गया-धनबाद रेलखंड पर आने व जानेवाली ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर चलाने का निर्देश जारी किया है.
रात नौ बजे के बाद से ट्रैक पर आ रही 2301 व 2313 राजधानी एक्सप्रेस समेत लगभग आधा दर्जन ट्रेनों की रफ्तार को धीमा करने के बाद मामले की जानकारी वन विभाग के पदाधिकारियों को दी गयी. वन विभाग के पदाधिकारियों ने परसाबेड़ा से चेंगरो तक रेलवे ट्रैक के दोनों ओर जांच की. पदाधिकारियों ने कहा कि हाथियों का झुंड ट्रैक से काफी दूर है, हालांकि कभी भी हाथियों का झुंड ट्रैक पर आ सकता है. रात 12 बजे तक सभी हाथियों को उक्त इलाके से हटाया गया, जिसके बाद परिचालन सामान्य हो सका.
