पीरटांड़ : नक्सली एक ओर खुद को गरीबों का मसीहा कहते हैं, वहीं दूसरी ओर गरीब डोली मजदूरों के लिये बनाये जा रहे शेड को उड़ा कर उनकी आश्रयस्थली को छीनते हैं. नक्सली संगठन गरीबों को गुमराह कर रहे हैं. नक्सली विकास विरोधी हैं. उक्त बातें सीआरपीएफ उत्तरी जोन के डीआइजी सुरेश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कही. भाकपा माओवादी द्वारा मधुबन में गुरुवार को दो भवनों को उड़ाने के बाद रविवार को डीआइजी सुरेश कुमार मधुबन पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मधुबन के कल्याण निकेतन में पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ बैठक की.
ऑपरेशन हिल विजय की प्रगति की जानकारी ली और अभियान की रणनीति बनायी. बैठक बाद डीआइजी श्री कुमार, सीआरपीएफ के कमांडेंट निशित कुमार व एएसपी दीपक कुमार के साथ कई पदाधिकारी व पुलिस के जवान बाइक से पारसनाथ पहाड़ पहुंचे. यहां स्थित कैंप में पहुंचने के बाद डीआइजी ने पहाड़ पर तैनात जवानों से बात की और उनका हौसला भी बढ़ाया.
सत्ता चाहिए तो लोकतंत्र का रास्ता अपनाएं : पत्रकारों से बातचीत में डीआइजी श्री कुमार ने कहा कि नक्सलियों को सत्ता चाहिए तो उन्हें लोकतंत्र का रास्ता अपनाना चाहिए. भटके हुए लोग सरकार की समर्पण नीति को अपना कर आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा से जुड़ें. मधुबन में विस्फोट की घटना को गंभीरता से लेते हुए नक्सल विरोधी अभियान को और भी तेज कर दिया गया है. नक्सल अभियान में सीआरपीएफ, जैप, झारखंड जगुआर, जिला पुलिस की कई कंपनियां लगी हुई हैं. हर जगह पर सर्च अभियान चल रहा है. ज्यादा दिनों तक नक्सली लड़ नहीं पायेंगे.
तराई में नक्सलियों की तलाश : सोमवार को पारसनाथ व उसके तराई इलाके में माओवादियों की तलाश की गयी. सीआरपीएफ के कमांडेंट निशित कुमार व एएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में तराई इलाके के कई गांव में जाकर नक्सलियों के संदर्भ में जानकारी इकट्ठा की गयी. बता दें कि गुरुवार की रात को नक्सलियों ने मधुबन के भिरंगी मोड़ स्थित पूर्व नक्सली उदय महतो के घर व कोठाटांड़ में बन रहे डोली मजदूर के शेड में विस्फोट कर दिया था. विस्फोट से जहां उदय का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया था, वहीं डोली मजूदरों के लिए बन रहा शेड क्षतिग्रस्त हो गया था.
