जमुआ के चाेरपोको में ऑटो पलटने से स्कूली छात्रा की मौत के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गयी है. मंगलवार को छात्रा का शव जमीन से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया.
जमुआ : ओवरलोड ऑटो पलटने से विद्यासगर उच्च विद्यालय चोरपोको की 12 वर्षीय छात्रा सोनी कुमारी की मौत और 20 बच्चों के घायल होने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. सोमवार को आनन-फानन में छात्रा के शव को दफना दिया गया था, जिसे मंगलवार को प्रशासन नेे निकलवाया और पोस्टमार्टम कराया. हालांकि शुरुआती दौर में मृतक छात्रा के परिजनों ने शव निकाले जाने का काफी विरोध किया. प्रशासनिक अधिकारियों व कई स्थानीय लोगों के समझाने के बाद परिजन लाश निकालने देने को तैयार हुए.
सोमवार सुबह 9.30 बजे बच्चों को स्कूल ले जाने के क्रम में ऑटो दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 20 बच्चे घायल हो गये थे. जबकि छात्रा सोनी कुमारी की मौत इलाज के दौरान हो गयी.
इस घटना को दबाने का पूरा प्रयास किया गया था. इस मामले की रात सात बजे तक न ही थाने को सूचना दी गयी थी और न ही वरीय अधिकारियों को.
जब मीडिया ने उपायुक्त को जानकारी दी तो प्रशासन सक्रिय हुआ. डीसी उमाशंकर सिंह ने एसडीओ रविशंकर विद्यार्थी को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. निर्देश मिलते ही अनुमंडलीय स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस भी हरकत में आ गयी और देर रात स्कूल के संचालक राजकुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया.
मृतका के पिता के आवेदन पर शुरू हुई कार्रवाई : छात्रा के पिता के आवेदन मंगलवार को मृत छात्रा सोनी कुमारी के पिता अजीत कुमार साहू के लिखित आवेदन के बाद लाश निकालने की कार्यवाही शुरू की गयी. दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर लाश निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद लाश को पुन: दफना दिया गया.
ये थे उपस्थित : मौके पर विधायक केदार हाजरा, बीस सूत्री अध्यक्ष अंजन कुमार सिन्हा, उपाध्यक्ष कैलाश प्रसाद साव, भाजपा नेता राजेंद्र प्रसाद राय, प्रदीप साव, अशोक राम, दिलीप साव, अशोक साव, मंगरु साव, सुनील साव, पंसस मथुरा प्रसाद कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि डॉ दशरथ प्रसाद वर्मा, लक्ष्मण विश्वकर्मा आदि मौजूद थे.
