गिरिडीह. गिरिडीह की एक अदालत ने दहेज हत्याकांड में सोमवार को एक व्यक्ति को दोषी पाया है. सजा पर मंगलवार को सुनवाई होगी. मामला बिरनी थाना अंतर्गत बंगराखुर्द गांव का है. 14 मई 2014 को बंगराखुर्द में कुसुम देवी ने अपने शरीर में केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली थी. इसमें वह बुरी तरह झुलस गयी. इलाज के लिए उसे बिरनी पीएचसी में भर्ती कराया गया जहां नाजुक स्थिति को देख बेहतर इलाज हेतु उसे रांची रेफर कर दिया गया और 26 जुलाई 2014 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
कुसुम देवी ने बिरनी पीएचसी में पुलिस पदाधिकारी के समक्ष फर्द बयान दिया था, जिसके तहत बिरनी थाना में कांड संख्या 75/14 के तहत मामला दर्ज किया. बयान में कुसुम देवी ने कहा था कि उसके पति पवन पासवान (पिता जमुना पासवान) दहेज के लिए उसे बराबर प्रताड़ित करता है. कुसुम देवी के बयान पर जमुआ थाना में उसके पति पवन पासवान के खिलाफ भादवि की धारा 498ए, 109 व 306 के तहत मामला दर्ज किया गया. इसी मामले में अदालत ने पवन पासवान को दोषी पाया है.
