गांडेय प्रखंड के अहिल्यापुर मोड़ पर शहीद किशुन मरांडी का 22 वां शहादत दिवस समारोह सोमवार को मनाया गया. इसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया.
गांडेय. महाजनी प्रथा से लेकर सूदखोरी व झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में सैकडों झारखंडी आदिवासी -मूलवासी शहीद हुए, लेकिन आज झारखंड में यूपी-बिहार वाले शासन कर रहे हैं. उक्त बातें राज्य के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने कही. वह सोमवार को गांडेय प्रखंड के अहिल्यापुर मोड़ पर किशुन मरांडी के 22 वें शहादत दिवस के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे. कहा कि दो वर्ष में भाजपा सरकार की क्रियाकलाप व नीतियां आदिवासी मूलवासी विरोधी रही हैं.
राजनीतिक ताकत से ही हम अपना हक व अधिकार ले सकते हैं और इसके लिये हमें एकजुट होना होगा. आज हमारे बीच से उठकर ही कुछ लोग राजनीतिक व्यापार करने लगे हैं. हमें ऐसे राजनीतिक व्यापारियों से सचेत रहने की जरूरत है. अब भी हम सजग नहीं हुए तो लुट जायेंगे. श्री सोरेन ने आजसू पार्टी की कार्यशैली की भी आलोचना की. कहा कि एक ओर आजसू पार्टी सरकार को समर्थन दे रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की नीतियों का विरोध कर जनता को भरमाने का काम कर रही है.
अगर वास्तव में आजसू पार्टी आदिवासी-मूलवासी की शुभचिंतक है तो उसे इस सरकार को धक्का मार कर सत्ता से हटा देना चाहिए.
इन्होंने भी किया संबोधित : समारोह को पूर्व विधायक चंद्रिका महथा, जिप अध्यक्ष राकेश महतो, जिप सदस्य गोपीन मुर्मू, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, अजीत सिंह पप्पू, हीरालाल मुर्मू, छोटेलाल यादव, नुनूराम किस्कू, हलधर राय, हाजी युनूस अंसारी आदि ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता शहीद किशुन मरांडी की पत्नी सह जिप सदस्य बबली मरांडी और संचालन प्रखंड सचिव भैरो वर्मा ने किया.
ये थे उपस्थित : मौके पर जिला सचिव महालाल सोरेन, धनेश्वर मंडल, धुव्रदेव पंडित, हींगामुनि देवी, शांति मरांडी, प्रदीप हाजरा, मो. इकबाल, लीलाधर यादव, मुखिया मो. रशीद, मो. मुख्तार, नंदकिशोर किस्कू समेत कई मौजूद थे.
