रांची : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी के बेटे मुन्ना मरांडी की शादी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है. आरोप है कि मुन्ना मरांडी की शादी जिस लड़की से हुई है, वह नाबालिग है. इसी को मुद्दा बना कर विपक्ष लगातार पार्टी और सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है. विपक्षी दलों ने सरकार की ओर से शुरू किये गये अभियान ‘पहले पढ़ाई, फिर विदाई’ पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है. नेता प्रतिपक्ष सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं.
वहीं दूसरी तरफ, इस मुद्दे पर भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं. इससे सरकार और पार्टी की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. विवाद को गहराता देख कर मुख्यमंत्री रघुवर दास भी बुधवार को वर-वधू को आशीर्वाद देने नहीं गये, जबकि इसके लिए पहले से मुख्यमंत्री रघुवर दास का कार्यक्रम निर्धारित था. प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी के अावास पर सुरक्षा समेत तमाम इंतजाम कर लिये गये थे. इधर, प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी के पुत्र मुन्ना मरांडी के खिलाफ एक लड़की ने महिला आयोग में यौन शोषण का मामला दर्ज कराया है.
विरसमुनी को मिले थे एक लाख रुपये : बाल विवाह का विरोध करने वाली विरसमुनी को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 15 नवंबर 2015 को राज्य स्थापना दिवस पर सम्मानित किया था. साथ ही उसके आगे की पढ़ाई के लिए एक लाख रुपये का चेक दिया था.
विरसमुनी कुमारी, राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय बघिमा, पालकोट की कक्षा चार की छात्रा थी. 13 वर्षीय विरसमुनी के पिता ने उसकी शादी लोदाम, छत्तीसगढ़ निवासी विते लोहरा के साथ तय कर दी थी़ विरसमुनी ने विवाह से इनकार कर दिया था. साथ ही आगे की पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जतायी थी. फिर भी उसके पिता उसका जबरन शादी करना चाहते थे़
नाबालिग लड़की से शादी करने का आरोप
सीएम का है नारा : पहले पढ़ाई, फिर विदाई
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 18 साल के कम उम्र की लड़कियों और उनके अभिभावकों से शादी नहीं करने की अपील की थी. बीते नौ मार्च को विकास भारती की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘पहले पढ़ाई, फिर विदाई’ का नारा दिया था. मुख्यमंत्री ने गुमला में पढ़ाई के लिए नाबालिग लड़की के शादी से इनकार करने पर उसकी प्रशंसा की थी, साथ ही उस लड़की को सम्मानित भी किया था.
भाजपा का कैडर बना पुलिस प्रशासन : बाबूलाल
ताला मरांडी के बेटे की नाबालिग से शादी के मामले में झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने भाजपा को पाखंडी करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले को रफा-दफा करने को लेकर पुलिस प्रशासन भाजपा के कैडर के रूप में कार्य कर रहा है.
