दहेज हत्या
मामला गावां थाना अंतर्गत खरसान पंचायत के डेवटन गांव का
एक लाख रुपये के लिए जलाकर मार डाला था महिला को
पांच हजार का जुर्माना भी, नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा
गिरिडीह. जिला व अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) एके पांडेय की अदालत ने गुरुवार को दहेज हत्याकांड में सास व ससुर को 10 वर्ष की सजा सुनायी. दोनों को पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है. जुर्माना की रकम जमा नहीं करने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
मामला गावां थाना अंतर्गत खरसान पंचायत के डेवटन गांव का है. 11.10.2013 को डेवटन गांव में दहेज में एक लाख रुपये नहीं देने पर ससुराल वालों ने 22 वर्षीय अरुणा देवी की हत्या कर दी थी. घटना के बाद मृतका के पिता मथुरा रविदास के बयान पर गावां थाना में मामला (कांड संख्या 112/13) दर्ज किया गया था. श्री रविदास ने पुलिस को बताया कि ससुराल वाले उसकी बेटी अरुणा पर दहेज के लिए दबाव बनाते थे और इसी क्रम में उसे जलाकर मार दिया गया. पिता के बयान पर गावां थाना में भादवि की धारा 304/बी के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में पुलिस ने 12 साक्ष्यों का परीक्षण कराया.
मामले में अदालत ने सास गीता देवी व ससुर चिंतामणि दास को दोषी पाया. जबकि अदालत ने इसी मामले में पूर्व में ही ननद झालो देवी तथा नंदोई मुन्ना रविदास को रिहा कर दिया था. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एससी श्रीवास्तव व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार राय ने बहस की. इस मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्री राय ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि वह उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.
