22 हाथियों का झुंड मचा रहा उत्पात, मदद मांगते रहे ग्रामीण, टीम पहुंची पांच घंटे बाद

गिरिडीह : शनिवार की रात को हाथियों ने सदर प्रखंड के जसपुर पंचायत के चुंगलो में एक बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला व कई घरों को तोड़ने के बाद बाद फुलची पंचायत के भरकट्टा में तीन घरों को तोड़ दिया. इस घटना के बाद इस इलाके के लोग डरे हुए हैं. वहीं सूचना देने के […]

गिरिडीह : शनिवार की रात को हाथियों ने सदर प्रखंड के जसपुर पंचायत के चुंगलो में एक बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला व कई घरों को तोड़ने के बाद बाद फुलची पंचायत के भरकट्टा में तीन घरों को तोड़ दिया. इस घटना के बाद इस इलाके के लोग डरे हुए हैं. वहीं सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम के पांच घटना के बाद घटनास्थल पहुंचने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है. ग्रामीण पंकज सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम लगभग सात बजे ही हाथियों का झुंड जसपुर पंचायत के चुंगलो गांव पहुंच गया और उत्पात मचाना शुरू कर दिया.
इस दौरान लोगों ने वन विभाग को सूचना दी, लेकिन टीम पहुंची नहीं. लगभग रात आठ बजे हाथियों ने 70 वर्षीय गोपी कृष्ण सिंह को कुचल कर मार दिया. हाथी लोगों के घरों में घुसने लगे तो भगदड़ मच गयी. कई लोग अपने घरों के छत पर जा चढ़े तो कई ने गांव से भाग कर अपनी जान बचायी. इस बीच लोग बचाने की गुहार लगाते रहे. कई बार वन विभाग को फोन किया गया. हर बार यही कहा जाता कि आ रहे हैं, लेकिन घटना के पांच घंटे के बाद पुलिस के साथ वन विभाग की टीम पहुंची. जबकि 108 नंबर पर फोन करने के बाद भी एंबुलेंस रात 12 बजे पहुंचा.
इन लोगों को हुआ है नुकसान : जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर स्थित जसपुर पंचायत के चुंगलो गांव में हाथियों के झुंड ने एक की जान लेने के बाद स्थानीय रंजीत राय की चहारदीवारी को तोड़ दिया. दो एकड़ में लगी मकई व धान के फसल को नुकसान पहुंचाया. इसी तरह मुक्तेश्वर पांडेय के चहारदिवारी को तोड़कर मकई व अरहर की फसल को नुकसान पहुंचाया, कपिलदेव पांडेय, राजू रवानी, तुलसी सिंह, सरवेश्वर सिंह, निरंजन सिंह, साधुचरण पांडेय, मनोज सिंह, जालेश्वर सिंह, राकेश सिंह, शत्रुध्न सिंह, सुबोध कुमार सिंह, योगेंद्र कुमार सिंह, युगल किशोर सिंह, निरंजन सिंह, बिरेन्द्र कुमार समेत कई ग्रामीणों के खेतों में फसल काे नष्ट कर दिया.
एक्सपर्ट के पहुंचने के कारण हुई देरी : डीएफओ
डीएफओ कुमार आशीष ने कहा कि शाम को हाथियों के झुंड के चुंगलो में पहुंचने की सूचना के तुरंत बाद ही रेंज ऑफिसर जसपुर पहुंच गये थे. हाथी काफी गुस्से में थे और अंधेरा होने के कारण दो-तीन वन कर्मियों के द्वारा हाथियों को काबू पर लेना मुश्किल था ऐसे में रात में ही एक्सपर्ट की टीम से संपर्क किया गया.
बांकुड़ से एक्सपर्ट की टीम के पहुंचने में समय लगा, जिसके कारण टीम के पहुंचने में देरी हुई. कहा कि हमारी मंशा हमेशा लोगों को सहयोग करने की रहती है. डीएफओ ने बताया कि रात में ही मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है. बाकी मुआवजा अन्य कागजी प्रक्रिया के बाद दे दिया जायेगा. अभी हाथियों का झुंड जांगों के जंगल में है जिसे सुरक्षित बोकारो के इलाके में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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