कॉफी विद एसडीएम. श्रमिकों से एसडीएम ने किया संवाद, योजनाओं की जानकारी दी प्रतिनिधि, गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम के तहत गुरुवार को मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर 50 से अधिक स्थानीय दैनिक श्रमिक उपस्थित थे, जिनमें महिला कामगारों की संख्या अधिक थी. कार्यक्रम के दौरान सभी श्रमिकों को झारखंड सरकार द्वारा संचालित श्रमिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. एसडीएम संजय कुमार ने सभी से अपील की कि वे दूसरे राज्य में कार्य करने से पहले अनिवार्य रूप से श्रमाधान पोर्टल पर पंजीकरण कराएं. उन्होंने बताया कि श्रमिक स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं या किसी प्रज्ञा केंद्र/साइबर कैफे में अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाता लेकर बायोमेट्रिक विवरणी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. एसडीएम ने कहा कि श्रमाधान पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद श्रमिकों को प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना या अंगभंग की स्थिति में सीधे आर्थिक सहायता मिलेगी. इसके अलावा सेफ्टी किट योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, पुत्र-पुत्रियों के लिए छात्रवृत्ति योजना, चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना, मातृत्व सुविधा योजना, विवाह सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना और पेंशन योजनाओं (निःशक्त, पारिवारिक, अनाथ पेंशन) की भी जानकारी दी गयी 15 श्रमिकों को मिला लेबर कार्ड कार्यक्रम के दौरान 15 श्रमिकों को मौके पर ही लेबर कार्ड दिये गये, जबकि 10 नए श्रमिकों का पोर्टल पर पंजीकरण किया गया. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी डब्लू कुमार ने भी सभी श्रमिकों को योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया. श्रमिकों ने साझा की समस्याएं कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं. महुलिया की प्रमिला देवी ने आवास योजना में आवेदन के बावजूद लाभ न मिलने की समस्या बतायी. ओबरा की नीता देवी और बघमनवा की सीमा देवी ने भी आवास से संबंधित समस्याओं का जिक्र किया. छतरपुर पंचायत के रविकांत भारती ने दो साल पहले काम के दौरान घायल होने और एक पैर से निःशक्त होने की स्थिति बतायी. उन्हें 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता और प्रति माह 1000 रुपये पेंशन मिलने की जानकारी दी गयी. बघौता की अनीता देवी और महिला श्रमिक किरण कुमारी ने अपने बच्चों के स्कूल नामांकन में मदद की मांग की. वहीं बघमनवा निवासी सुखनी देवी ने खराब चापाकल की वजह से पानी की समस्या बतायी, जिस पर संबंधित विभाग को सूचना देते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए कहा गया. कुछ श्रमिकों ने बिचौलियों द्वारा डीबीटी राशि में कमीशनखोरी की शिकायत भी की. इस पर एसडीएम ने कहा कि सभी को लिखित शिकायत करनी चाहिए और किसी बिचौलिए के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. श्रमिकों को किया गया सम्मानित कार्यक्रम में एसडीएम ने पुरुष श्रमिकों को गमछा और महिला श्रमिकों को स्टॉल देकर सम्मानित किया. उनके बच्चों को चप्पल और जूते प्रदान किए गए. एसडीएम ने कहा कि मजदूरों का सम्मान करना समाज का दायित्व है, क्योंकि किसी भी विकास योजना में श्रमिक पहले और प्रमुख भागीदार होते हैं. इसलिए उन्हें सच्चे आदर और प्रेम का हकदार होना चाहिए. इस कार्यक्रम ने श्रमिकों को अपनी समस्याओं को साझा करने, योजनाओं के लाभ जानने और सीधे अधिकारियों से मार्गदर्शन पाने का अवसर दिया. इस पहल से स्थानीय श्रमिकों में जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़े हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली है.
काम पर दूसरे राज्य जाने से पहले पोर्टल पर पंजीकरण जरूर करायें मजदूर: एसडीएम
कॉफी विद एसडीएम. श्रमिकों से एसडीएम ने किया संवाद, योजनाओं की जानकारी दी
