कल्याण विभाग का एसटी छात्रावास अत्यंत जर्जर, कभी भी हो सकता है हादसा

गढ़वा शहर स्थित अनुसूचित जनजाति बालक कल्याण छात्रावास की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है.

विद्यार्थियों ने उपायुक्त को आवेदन देकर नया छात्रावास देने की मांग की गढ़वा . गढ़वा शहर स्थित अनुसूचित जनजाति बालक कल्याण छात्रावास की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है. छात्रावास की छत और दीवारें टूटकर विद्यार्थियों पर गिर रही हैं, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. मंगलवार को छात्रावास में रहने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं गढ़वा समाहरणालय पहुंचे और उपायुक्त को आवेदन सौंपा. उन्होंने बताया कि वे सभी दूर-दराज और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आते हैं तथा अत्यंत गरीब हैं. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे किराए पर कमरा लेकर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं, इसलिए छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. छात्रों ने बताया कि छात्रावास वर्षों पुराना है और इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात में कमरों में पानी टपकता है। इससे उनकी किताबें, कॉपियां और खाद्य सामग्री भींगकर नष्ट हो रही हैं. छत की ढलाई टूटकर गिर रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इस संबंध में उन्होंने पूर्व में जिला कल्याण पदाधिकारी को भी आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. छात्रों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उन्हें मजबूरी में पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है या वे किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं. उन्होंने उपायुक्त से नया छात्रावास निर्माण की मांग की है. आवेदन पर मुन्ना सिंह, रविंद्र कुमार सिंह, लालभरत सिंह, उमेश सिंह, शशिकांत सिंह, खुशदिल सिंह, अनुरंजन सिंह, मंटू उरांव, सनोज सिंह, आयुष सिंह, सतोष सिंह, राहुल कुमार, छोटू उरांव, मंजित सिंह, मन्नू उरांव, विक्रम कुजूर, पचू सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं.

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By VIKASH NATH

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