प्रतिनिधि गढ़वा कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा की ओर से टीडीसी निकरा परियोजना के तहत अंगीकृत तेनार व सोहवरिया में खेत बचाओ कार्यक्रम के पांचवें दिन किसानों को जलवायु अनुकूल खेती व मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक् नवलेश कुमार ने किसानों को जलवायु अनुकूल फसल एवं पशुओं के चयन की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. किसानों से धान की रोपनी के बजाय धान की सीधी बुवाई करने व कम पानी की जरूरत वाली फसलों का चयन करने की अपील की गयी. मौके पर अनिल कुमार, विजय सिंह, अशोक राम, कांति देवी, शिला कुमारी, कविता देवी सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे. उर्वरकों के प्रयोग की दी गयी जानकारी इस दौरान वैज्ञानिक चंदन कुमार ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटाश के प्रयोग व मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खेती करने की जानकारी दी. वहीं डॉ बंधनु उरांव ने उर्वरकों के सही मात्रा, सही समय और सही विधि से उपयोग करने की सलाह देते हुए असंतुलित उर्वरक प्रयोग से होने वाले मृदा क्षरण और पर्यावरण प्रदूषण से बचने की बात कही.
जल संरक्षण जरूरी, कम पानी वाली फसलों का चयन करें किसान: नवलेश
जल संरक्षण जरूरी, कम पानी वाली फसलों का चयन करें किसान: नवलेश
