वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जरूरी: डीडीसी

अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए कर्मियों को चार चरणों में दिया गया प्रशिक्षण

अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए कर्मियों को चार चरणों में दिया गया प्रशिक्षण प्रतिनिधि, गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार शनिवार को समाहरणालय सभागार में अवैध निकासी रोकने को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित यह कार्यशाला चार चरणों में संपन्न हुई, जिसमें जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ), प्रधान सहायक और बिलिंग क्लर्क शामिल हुए. डीडीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि जिस तरह हम निजी पैसों के खर्च में सावधानी रखते हैं, वैसी ही सतर्कता कोषागार से निकासी के समय भी अपनानी होगी. उन्होंने हाल ही में बोकारो और हजारीबाग में वेतन मद की अवैध निकासी के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना समुचित सत्यापन के किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं निर्गत किया जायेगा. डीडीसी ने यह भी निर्देश दिया कि तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही पद पर कार्यरत बिलिंग क्लर्क का स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन सुनिश्चित किया जाये और जिन कार्यालयों में केवल एक लिपिक है, वहां विशेष निगरानी रखी जाये. कार्यक्रम में गढ़वा एसडीएम संजय कुमार, श्री बंशीधर नगर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा, जिला नजारत उप समाहर्ता धीरज प्रकाश, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, डीपीआरओ पंकज कुमार गिरी सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, बीडीओ और सीओ उपस्थित थे. डीडीओ लेवल मैनेजमेंट सिस्टम की बारीकियां समझायीं कोषागार पदाधिकारी प्रशांत मिंज ने प्रोजेक्टर के माध्यम से डीडीओ लेवल मैनेजमेंट सिस्टम की बारीकियां समझाईं. उन्होंने ऑनलाइन प्रविष्टियों को समय पर अपडेट करने, आईटीसी कोड के अनुरूप सत्यापन और एसीपी/एमएसीपी प्रविष्टियों को अद्यतन रखने पर जोर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी पदाधिकारी अपना ओटीपी साझा न करें और अस्थायी आईडी का दुरुपयोग न हो. अब सभी विपत्रों में डीडीओ द्वारा प्रमाण-पत्र अंकित करना अनिवार्य होगा. अब वेतन भुगतान से पूर्व इन बिंदुओं का होगा मिलान कर्मियों के नाम, पदनाम, जन्म तिथि और नियुक्ति तिथि का सर्विस बुक से मिलान. बैंक खाता संख्या और आइएफएससी कोड का पासबुक या रद्द चेक से सत्यापन. पैन, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को अभिलेखों में अपडेट करना. एम्पलॉयी प्रोफाइल को अपडेट कर फ्रीज करना ताकि अनाधिकृत बदलाव न हो.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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