शराब खोरी के कारण झेल रही पीड़ा एसडीएम को बतायी

शराब खोरी के कारण झेल रही पीड़ा एसडीएम को बतायी

गढ़वा.

अपने नियमित साप्ताहिक कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम के क्रम में बुधवार को सदर एसडीएम संजय कुमार ने मेराल प्रखंड के दुलदुलवा गांव की गृहिणियों के साथ संवाद किया. संजय कुमार के आमंत्रण पर इस गांव की लगभग 30 महिलाएं बुधवार को कॉफी संवाद में भाग लेने अनुमंडल कार्यालय पहुंची थीं. उन्होंने गांव में अवैध शराब व इसके दुष्परिणामों को लेकर रोज झेल रहीं समस्याएं एसडीएम के समक्ष साझा क���. साथ ही इस नशाखोरी के धंधे से गांव को कैसे निजात दिलायी जाये, इसे लेकर अपने-अपने सुझाव भी दिये.

नशे के खिलाफ महिलाएं दिखायें एकजुटतागांव में कार्यरत शिव गुरु आजीविका सखी मंडल की अध्यक्ष लीलावती देवी ने कहा कि यदि गांव की सभी महिलाएं नशाखोरी के खिलाफ एकजुटता दिखायें, तो गांव में बदलाव जरूर आयेगा. उन्होंने एसडीएम के साथ-साथ जेएसएलपीएस के डीपीएम से भी अनुरोध किया कि महिलाओं को नशा के विरुद्ध जागरूकता वाले बैनर-पोस्टर मिल जायें, तो वे गांव में अवैध शराब के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलायेंगी. उन्होंने कहा कि पहले उनके पति भी नशे में आकंठ डूबे थे. पर उन्होंने पति का नशा छुड़वाने के लिए लंबा संघर्ष किया और अंत में सफलता पायी.

गांव में शराब बनाने वालों से ज्यादा पीने वालेदुलदुलवा की सावित्री देवी ने कहा कि गांव में शराब बनाने वालों से ज्यादा संख्या पीने वालों की है. प्रतिदिन वहां शाम का माहौल बहुत ही खराब हो जाता है. तब बहन-बेटियों के लिए माहौल ठीक नहीं रहता. इसलिए वे गांव में किसी भी प्रकार की नशाखोरी के विरुद्ध हैं.

शराबी रिश्तेदारों के लिए भी पसंदीदा है उनका गांवकुछ महिलाओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उनके ऐसे रिश्तेदार जो शराबी प्रकृति के हैं, वे इस गांव में ज्यादा देर रुकना पसंद करते हैं. क्योंकि उनको यहां पर आसानी से शराब मिल जाती है. उन रिश्तेदारों के चक्कर में वे न केवल परेशानी होती है बल्कि उनकी भी छवि खराब होती है. इसलिए वे सब चाहती हैं कि उनके गांव से अवैध शराब का धंधा खत्म हो. अनीता देवी ने कहा कि उनके गांव आने वाली बारातों में बारातियों की संख्या ज्यादा होती है, क्योंकि यहां पर सभी का स्वागत प्रायः यहीं बनी हुई शराब से किया जाता है.

अवैध दारू में मिलाते हैं जहरीले केमिकलगांव की सीमा देवी एवं अन्य महिलाएं बताती हैं कि गांव में बनने वाली अवैध शराब में जहरीले केमिकल भी मिलाये जाते हैं, जो इंसान के लिए जानलेवा हैं. महिलाओं ने एसडीएम को उनके गांव पर ध्यान देने के लिए साधुवाद दिया. उनसे अनुरोध किया कि वह इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें ताकि शराब की गिरफ्त में आकर ग्रामीणों की अकाल मौत न हो.

एक बार नहीं, लगातार कार्रवाई होगांव की किरण देवी ने कहा कि हाल ही में एसडीम संजय कुमार ने अवैध भट्टियों को तोड़ा है. यह तारीफ योग्य है. इससे गांव के शराब माफिया में डर का माहौल बना है. यह पहला मौका है जब किसी एसडीएम ने इस दिशा में खुद अगुवाई की हो. लेेकिन ऐसी कार्रवाई एक बार होने से कुछ नहीं होगा. इस प्रकार की कार्रवाई अलग-अलग स्तर से लगातार होनी चाहिए,शराबखोरी को लेकर जागरूकता गीत सुनायागांव की ही सीमा देवी ने कार्यक्रम के दौरान जागरूकता गीत नशा न करना, मान लो कहना, मेरे भाई बहना… सुनाया. साथ ही उन्होंने जिले के अधिकारियों से अपील की कि वे दुलदुलवा गांव को अवैध शराब की गिरफ्त से बाहर निकालने में ईमानदारी से प्रयास करें.

डरावनी होती है रातकुछ महिलाओं ने कहा कि न केवल उनके पड़ोसी शराब पीकर हो-हल्ला करते हैं. बल्कि उनके पति भी शराब के नशे में कब क्या बोल दें, वे सशंकित रहती हैं. इसलिए शाम को जब उनके पति नशा कर घर लौटते हैं, तो वे उनसे बात नहीं करती हैं. डर रहता है कहीं उनका पति नशे में मारपीट न कर दे. इसलिए उनकी रात डर के माहौल में निकलती है. उन्होने बताया कि जब उन्हें अपने पति से कुछ जरूरी बात करनी होती है, तो वे सुबह तक नशा उतरने का इंतजार करती हैं.

अवैध शराब के विरोध का लिया संकल्पकार्यक्रम में मौजूद दुलदुलवा गांव की इन माताओं-बहनों ने संकल्प लिया कि वे अब आवाज उठायेंगी. वे अपने गांव तथा आने वाली पीढ़ियों की भलाई के लिए मुखर स्वर में अवैध शराब निर्माण का विरोध करेंगीं. भले ही उनके अपने परिजन ही क्यों न शराब बना रहे हों. बैठक में कई महिलाओं ने कहा कि अगर ऐसा ही माहौल कुछ दिन और रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब यहां के शत प्रतिशत घर अवैध शराब निर्माण के काम में लग जायेंगे. आने वाले समय में कोई इस गांव में अपने बेटा-बेटी ब्याहना नहीं चाहेगा.

एसडीएम में सभी को उपलब्ध कराया अपना नंबरकार्यक्रम में पहुंचीं कुछ महिलाओं ने आशंका व्यक्त की कि चूंकि वे अवैध शराब माफिया के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए यहां आयी हैं, इसलिए हो सकता है कि गांव या उनके घर के लोग उन्हें डाट फटकार करें. इस पर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने उपस्थित सभी महिलाओं को अपना नंबर उपलब्ध कराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि यदि कोई भी उन्हें कुछ कहता है, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर जानकारी दें. उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए संबंधित शराब माफिया को दंडित किया जायेगा.

जेएसएलपीएस की महिलाएं थामेंगी बदलाव की मशालकार्यक्रम में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मौजूद जेएसएलपीएस के डीपीएम विमलेश शुक्ला ने अनुमंडल पदाधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके संगठन से जुड़ी महिला सहायता समूहों की सदस्य महिलाएं गांव में अवैध शराब के विरुद्ध माहौल बनाने के लिए राजदूत का काम करेंगी. वे इस जागरूकता कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए गांव को नशा मुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभायेंगे.

इन्होंनेे भी रखे अपने विचारइस कॉफी संवाद में दुलदुलवा गांव की रेखा देवी, लीलावती देवी, पूजा देवी, सावित्री देवी, अनीता देवी, मंजू देवी, नीलू देवी, सरिता देवी, उर्मिला देवी, सीमा देवी, गुड़िया देवी, सुनैना देवी, सोनम देवी, सुषमा देवी, ज्ञानती देवी, अमिता देवी, जीरा देवी, संगीता देवी ,अजरुन्निशा, किरण देवी व शबनम आरा ने अपने सुझाव दिये.

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By Sanjay

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