सप्ताह भर मौसम में बदलाव नहीं, तापमान सामान्य रहेगा

सप्ताह भर मौसम में बदलाव नहीं, तापमान सामान्य रहेगा

गढ़वा. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने कहा है कि पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बर्फबारी हुई जिसके कारण मैदानी भागों का तापक्रम बहुत नहीं बढ़ा. अब पुनः हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पहाड़ों में बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है. इसका असर उत्तरप्रदेश तक दिखने के आसार हैं. इसका आंशिक असर गढ़वा जिले में भी देखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान अनुसार अगले सात दिन का मौसम पिछले सप्ताह जैसा ही रहेगा. अगले सात दिन में जिले में दिन का तापक्रम जहां 31-34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, वहीं रात का तापक्रम 13 -17 डिग्री के आसपास रहेगा. दिन में गर्मी रहेगी और मौसम शुष्क रहेगा. गेहूं में अभी सिंचाई का बहुत महत्व : कृषि वैज्ञानिक ने ऐसी स्थिति में किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई सुनिश्चित कर लें. गेहूं में अभी सिंचाई का बहुत महत्व है. सिंचाई नहीं होने पर दाने सिकुड़ जायेंगे और उपज घट जायेगी. इसलिए गेहूं की फसल में 20 से 25 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहें. उन्होंने कहा कि गर्मा में लत्तर वाली सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर होती है. लत्तरवाली फसलों में किसान भाई बुवाई के समय डीएपी, यूरिया एवं पोटाश खाद के साथ प्रति एकड़ चार किलो बोरेक्स पाउडर एवं 10 किलो सल्फर पाउडर का भी व्यवहार करें. इन फसलों में फल मक्खी का प्रकोप बड़े पैमाने पर होता है, जिससे काफी नुकसान होता है. फल मक्खी से बचाव करें : कद्दू, करैला, कोहड़ा, खीरा, झिंगी एवं नेनुआ में फल मक्खी से बचाव के लिए एक लीटर पानी में 10 ग्राम गुड़ या छोआ का घोल बनाकर उसमें दो मिलीलीटर स्पाइनोसेड 45 एससी तरल मिलाकर छिड़काव करना बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि भिंडी एवं बैंगन में लाल मकड़ी माइट का आक्रमण देखा जा रहा है. इसका आक्रमण फसल की कोमल पत्तियों, डंठलों एवं पुष्प कलियों पर अधिक होता है. इससे ग्रसित पत्तियों पर सूक्ष्म जाला दिखाई पड़ता है. यह पौधों के कोमल भागों का रस चूसते हैं, फलत: पौधे कमजोर हो जाते हैं और ऊपज में भारी कमी होती है. इसके प्रबंधन के लिए ओबेरॉन या ओमाइट दो मिलीलीटर छिड़काव करें एवं एक सप्ताह बाद एक मिलीलीटर इमिडाक्लोप्रिड प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. उन्होंने कहा कि कीटनाशक का छिड़काव करते समय नाक पर गमछा लपेट कर रखें एवं संभव हो, तो आंख पर भी चश्मा लगा लें. कीटनाशक का छिड़काव जब हवा शांत रहे, उसी समय करना श्रेयस्कर है. उन्होंने किसानों को नकली दवाओं से बचने के लिए जीएसटी बिल प्राप्त कर ही खरीदारी करने की सलाह दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >