गढ़वा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की राह में नेटवर्क बनी बाधा

गढ़वा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की राह में नेटवर्क बनी बाधा

प्रभाष मिश्र, गढ़वा

गढ़वा के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले के 13.5 लाख लोगों को आभा आइडी से जोड़कर उनका इलाज और मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि योजना के रास्ते में नेटवर्क की जर्जर स्थिति बड़ी बाधा बन रही है. जिले के सुदूर प्रखंडों, खासकर श्री वंशीधर नगर और धुरकी में बीएसएनएल का नेटवर्क अक्सर गायब रहता है. जिससे अस्पताल में मरीजों का डेटा अपलोड करने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में परेशानी हो रही है. डिजिटल मिशन की सफलता पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर है. मरीज के अस्पताल पहुंचते ही उसका रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होना चाहिए, लेकिन नेटवर्क डाउन होने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि धुरकी और वंशीधर नगर में नेटवर्क सेवा भगवान भरोसे है, और यही स्थिति रही तो पेपरलेस अस्पताल का सपना महज कागजों तक सीमित रह जायेगा. तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट जरूरी है. जांच रिपोर्ट और पुराने मेडिकल इतिहास ऑनलाइन देखने के लिए निरंतर कनेक्टिविटी चाहिए. नेटवर्क की परेशानी से डेटा करप्ट होने या सर्वर टाइम-आउट होने का खतरा रहता है.

समीक्षा बैठक में भी हुई थी नेटवर्क की चर्चा

हाल ही में मिशन की ज्वाइंट डायरेक्टर मोनिका राणा की उपस्थिति में समीक्षा बैठक में भी नेटवर्क की समस्या पर चर्चा हुई थी. अधिकारियों ने माना कि जब तक कनेक्टिविटी मजबूत नहीं होगी, शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना कठिन है. अब तक जिले में 5.5 लाख लोगों आभा आइजी से जोड़ा जा चुका है, जबकि बाकी 8 लाख लोगों को जोड़ने के लिए गांवों में कैंप लगाने होंगे, जहां इंटरनेट की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती है.

कोट

बिना मजबूत संचार व्यवस्था पेपरलेस सिस्टम संभव नहीं है. बीएसएनएल को निर्देश दिया गया है कि वह जिले के सुदूर क्षेत्रों, विशेषकर श्री वंशीधर नगर और धुरकी में अपना नेटवर्क जल्द से जल्द दुरुस्त करे और डिजिटल मिशन में नेटवर्क बाधा न बने इसे सुनिश्चित करे.

डॉ जॉन एफ केनेडी, सिविल सर्जन

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Author: Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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