प्रतिनिधि, गढ़वा
राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बुधवार को सदर अस्पताल के सभागार में कैटरिंग और रिटेल दुकानदारों के लिए एकदिवसीय फोस्टैक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान प्रशिक्षण लेने वाले दुकानदारों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण भी किया गया. मौके पर सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी ने लोक स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थों की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और वे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इसलिए शुद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएस सिंह ने कहा कि जिले का कोई भी दुकानदार बिना खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीकरण के व्यवसाय संचालित न करे. सभी को अनिवार्य रूप से नियमों का पालन करना होगा. प्रशिक्षण सत्र के दौरान ट्रेनर राकेश कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आने वाले विभिन्न मानकों की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दुकानदारों को डॉ आरएस सिंह एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री की ओर से फोस्टैक प्रमाण पत्र सौंपा गया. इस मौके पर खाद्य सुरक्षा कार्यालय से विवेक तिवारी, संतोष कुमार, ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट से जिला समन्वयक दीपू कुमार साव, ब्लॉक समन्वयक मदन कुमार आदि उपस्थित थे.
दुकानदारों के लिए जारी गाइडलाइंस
तैयारी में स्वच्छता: कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोग अनिवार्य रूप से हेडकैप, एप्रॉन और ग्लव्स पहनकर ही खाद्य पदार्थ तैयार व सर्व करें.तेल का सीमित उपयोग: तलने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में तीन बार से अधिक नहीं किया जाये.
पैकिंग के नियम: खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए अखबार या सामान्य प्लास्टिक कंटेनर का उपयोग पूरी तरह वर्जित है. केवल फूड ग्रेड पैकिंग मैटेरियल का ही इस्तेमाल करें.
फलों पर कड़ाई: स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह कार्बाइड से पकाये गये फलों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया. साथ हीं आवश्यकता होने पर केवल सही अनुपात में फूड ग्रेड रंगों का ही प्रयोग करने का निर्देश दिया गया.
