तेल-घी और किशमिश की कीमतों में उछाल से त्योहारों का बिगड़ रहा बजट

त्योहार का मौसम करीब पर महंगाई ने बढ़ायी लोगों की चिंता

त्योहार का मौसम करीब पर महंगाई ने बढ़ायी लोगों की चिंता – 240 से बढ़कर 480 रुपए प्रति किलो पहुंची किशमिश – व्यापारियों ने कहा त्योहार घटने से बढ़ी कीमतें जितेंद्र सिंह, गढ़वा त्योहारों का मौसम करीब है. नवरात्र, दशहरा, दीपावली और छठ महापर्व जैसे बड़े पर्वों की तैयारी जोरों पर है. लेकिन इस बार त्योहार की खुशियों से ज्यादा महंगाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है. रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर मिठाई और प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं. सूखे मेवों में सबसे ज्यादा उछाल किशमिश के दामों में देखा जा रहा है. यह 240 रुपये किलो से बढ़कर 480 रुपये किलो तक पहुंच गयी है. मिठाई और प्रसाद में अहम भूमिका निभाने वाली किशमिश के दामों में आगे भी बढ़ोतरी की आशंका जतायी जा रही है. व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन घटने और अफगानिस्तान से आपूर्ति बाधित होने के कारण कीमतें बढ़ी हैं. ……………… रसोई की थाली पर भी असर सरसों तेल 180 से बढ़कर 215 रुपये लीटर हो गया है. घी में 60 से 75 रुपये किलो तक बढ़ोतरी हुई है. चीनी के दाम 5 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं, जबकि आटा 32 से 40 रुपये किलो तक पहुंच गया है. मसालों में काली मिर्च 800 से बढ़कर 1000 रुपये किलो बिक रही है. चावल में भी 20 रुपये किलो का इजाफा हुआ है. वहीं, अरहर दाल के दाम घटे हैं, लेकिन मसूर और चना दाल महंगी हो गयी हैं. ………………. मेवों के दाम भी चढ़े त्यौहारों में मेवों का इस्तामाल प्रसाद के रूप में किया जाता है, जिसको लेकर इसकी मांग बढ़ जाती है. फिलहाल काजू और बादाम की कीमतें 250 रुपये तक बढ़ गयी हैं. हालांकि खजूर और अखरोट की कीमतों में विशेष बदलाव नहीं हुआ है. ………………. त्योहार की मांग से और बढ़ सकती है महंगाई व्यापारियों का मानना है कि अक्टूबर में दशहरा और दीपावली की वजह से मांग बढ़ेगी. इससे तेल, घी, मसालों और मेवों की कीमतों में और उछाल आ सकता है. ऐसे में त्योहारों पर आम उपभोक्ताओं की जेब और ढीली होना तय है. ……………….. महंगाई पर गृहणियों की राय रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है : दीपाली अग्रवाल गृहिणी दीपाली अग्रवाल ने कहा कि रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है. पहले 1000 रुपये में हफ्ते का सामान आसानी से आ जाता था, लेकिन अब वहीं सामान खरीदने में डेढ़ से दो हजार रुपये खर्च हो रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के लिए त्योहारों पर अतिरिक्त खर्च करना मुश्किल हो गया है. सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत : ब्यूटी सिंह ब्यूटी सिंह ने कहा कि त्योहारों में मेवे और मिठाई बनाने की परंपरा है, लेकिन इस बार दाम इतने बढ़ गये हैं कि लोग मजबूरी में कम खरीदेंगे. घरेलू बजट में कटौती करना पड़ेगा. महंगाई पर नियंत्रित करने के लिए सरकार के स्तर से ठोस कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके. बढ़ती महंगाई में त्योहार मनाना मुश्किल होगा : पूजा देवी गृहिणी पूजा देवी ने कहा कि दाल, तेल और चीनी जैसी रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है, क्योंकि घर का हिसाब-किताब वहीं संभालती हैं. सरकार को आम लोगों के लिए राहत पैकेज या सब्सिडी जैसी व्यवस्था करनी चाहिए, नहीं तो त्योहार मनाना भी मुश्किल होगा.

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Published by: Akarsh aniket

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