संवेदक के बचाव में अपने ही जवाब में फंस गया आरइओ विभाग

संवेदक के बचाव में अपने ही जवाब में फंस गया आरइओ विभाग

बगैर लीज के बालू-पत्थर के इस्तेमाल पर संवेदक पर कार्रवाई का आदेश संदीप कुमार, केतार जिला परिषद बोर्ड की बैठक में आरइओ विभाग अपने ही जवाब में फंस गया. मामला गढ़वा जिला के केतार प्रखंड के खोन्हर गांव का है, जहां मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन मुहान से श्मशान घाट तक पीसीसी पथ व गार्डवाल का निर्माण कराया जा रहा है. डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहे पीसीसी पथ व गार्डवाल के निर्माण कार्य में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जिप सदस्य ज्वाला प्रसाद ने जांच की. जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आयी. इस संबंध में प्रभात खबर में “पथ निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगा, जिप सदस्य ने जताया विरोध” शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी. इसके बाद आरइओ विभाग ने जांच कर जांच रिपोर्ट जिप बोर्ड की बैठक में सौंपी. यहां विभाग ने संवेदक का बचाव करते हुए यह दावा किया कि निर्माण कार्य में स्थानीय नदी के बालू और पत्थर प्रयोग किया गया है. जिसकी गुणवत्ता सही है. जबकि स्थानीय नदी के बालू व पत्थर का लीज नहीं है, यानी निर्माण में बिना लीज की सामग्री का उपयोग किया गया. जिला परिषद बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा के बाद आरइओ विभाग के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए संवेदक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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